जयपुर। विधानसभा सत्र पूरा होने के साथ ही भाजपा इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटेगी। पार्टी ने इसका प्लान तैयार कर लिया है। पार्टी ने 52 हजार में से 10 हजार उन बूथ पर फोकस किया है, जिन पर पार्टी को तीन बार से लगातार हार रही है। पार्टी ने इन बूथ को सी श्रेणी में रखा है। पार्टी का फोकस रहेगा कि इन बूथ को कैसे मजबूत किया जाए और किस तरह इन बूथ पर भाजपा के पक्ष में वोट करके जीत दिलाई जाए। पार्टी फिलहाल उन कारणों पर मंथन कर रही है , जिनकी वजह से इन बूथ पर हार हो रही है।
इन बूथ में ज्यादातर बूथ अल्पसंख्यक बाहुल्य हैं। ऐसे में अल्पसंख्यक मोर्चा की इन बूथ को मजबूत करने पर फोकस रहेगा। इसके अलावा बूथ लेवल पर बनने वाली कमेटियां और मंडल स्तर पर भी नेता इन बूथ के वोटर्स के संपर्क करके जीत की रणनीति तैयार करेंगे। गौरतलब है कि पार्टी ने बूथ को तीन श्रेणी में बांटा है। ए श्रेणी में वे बूथ हैं, जहां पार्टी को लगातार जीत मिल रही है। इन बूथ की संख्या 26,347 है। इसी तरह जहां कभी जीत, कभी हार मिली है। उन बूथ की संख्या 15050 है। इन बूथ पर भी पार्टी को मजबूत किया जाएगा।
मोर्चा और प्रकोष्ठ को सौंपी जिम्मेदारी
इन सभी बूथ और खासकर कमजोर बूथ को मजबूत करने की जिम्मेदारी सभी 7 मोर्चा और 23 प्रकोष्ठों को सौंपी गई है। हर बूथ पर जातिगत आधार पर मोर्चा काम करेगा। एससी, एसटी, महिला, अल्पसंख्यक सहित सभी मोर्चा इस बूथ पर वोटर्स से संपर्क करेंगे। यह मालूम करने का प्रयास करेंगे कि हार की वजह क्या है। बूथ मजबूत होगा तो पार्टी मजबूत होगी। इसी रणनीति के तहत पार्टी सबसे ज्यादा फोकस बूथों को मजबूत करने पर कर रही है।
ये करेंगे काम
बूथ लेवल पर लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। इस रिकॉर्ड मेनटेन किया जाएगा कि कहां क्या समस्या है। इसके बाद मोदी सरकार की योजनाओं को लेकर जनता के बीच माहौल बनाया जाएगा। साथ ही गहलोत सरकार की कमजोरियों से भी जनता को रूबरू कराया जाएगा। ताकि भाजपा के पक्ष में माहौल बनाया जा सके।