
साइबर ठगी: परीक्षा केन्द्रों के बाहर पार्किंग में खड़े वाहनों से सिम, डेबिट-क्रेडिट कार्ड चुराकर 1 हजार लोगों से 1 करोड़ ठगे
जयपुर। कोटपूतली पुलिस ने जिला साइबर सेल की सहायता से परीक्षा केन्द्रों के बाहर पार्किंग में खड़े दुपहिया चौपाहिया वाहनों से सिम, डेबिट व क्रेडिट कार्ड चुराकर कार्डों का पिन रीजेनरेट कर रकम पार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने देश में बड़ी संख्या में वारदातों को अंजाम देकर एक हजार से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया है। इन्होंने करीब एक करोड़ रुपए की साइबर ठगी की वारदातें कबूल की है। 7 से अधिक राज्यों की पुलिस इस गिरोह की तलाश कर रही थी। गिरोह के सदस्यों ने सभी वारदातें परीक्षा केन्द्रों के बाहर खड़ी कारों से चाेरी की है। पुलिस अधीक्षक रंजीता शर्मा ने बताया कि भागीरथ निवासी कारोड़ा थाना बहरोड़ ने 19 अगस्त को कोटपूतली थाने में व रेवाडी निवासी राकेश कुमार ने 2 अगस्त को पनियाला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वे यहां एलएलबी की परीक्षा देने आए थे और परीक्षा केन्द्र के बाहर कार पार्किंग में खड़ी की थी। परीक्षा देकर बाहर आए तो कार में रखे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, कैश व मोबाइल गायब थे। आरोपियों ने कुछ ही समय में एटीएम कार्ड से एक लाख रुपए निकाल लिए और क्रेडिट कार्ड के जरिए गिफ्ट कार्ड खरीद कर लाखों रुपए की ऑनलाइन खरीदारी कर ली।
ऐसे पकड़ में आए आरोपी.....
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटनाओं को गंभीरता से लेते साइबर सेल को ओरोपियों की पहचान करने के आदेश दिए। टीम ने पीडि़तों के बैंक स्टेटमेन्ट का अवलोकन किया। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। चोरी हुए मोबाइल की कॉल डिटेल प्राप्त कर अवलोकन किया तो पाया की गिरोह के सदस्य पिछले 2 वर्षों में विभिन्न राज्यों में 100 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके है। इस पर दूसरे राज्यों की साइबर सेल से संपर्क किया जाकर वहां के परीक्षा केद्रों के बाहर हुई वारदातों की जानकारी ली। इसमें पाया कि गिरोह मोबाइल में चोरी के फोन की सिम का उपयोग करते थे। काम होने के बाद नदी नालों में फेंक देते थे। मास्क लगाकर एटीएम से रुपए निकालते थे। जिससे उनकी सही तस्वीर नहीं आती थी।
आरोपियों को बहरोड़ से दबोचा....
आरोपियों की तलाश के लिए साइबर सेल की टीम ने 50 से ज्यादा वारदातों की घटनास्थल, आने जाने वाले रास्तों का तकनीकी डाटा एकत्रित किया। आरोपियों को चिन्हित किया और आरोपियों के स्वयं के मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार धर्मेंद्र कुमार जाटव व प्रिसंसिह निवासी ग्रीन व्यू अपार्टमेंट वसुंधरा सेक्टर 17 गाजियाबाद यूपी को बहरोड़ से गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य चोरी की रकम से महंगे होटलों में मौज मस्ती करते थे। एक स्थान पर अधिक समय तक नहीं रूकते थे और लग्जरी लाइफ जीते थे।
विदेशी मुद्रा व कीमती सामान बरामद....
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लाख नकद, 1 लाख 62 हजार के गिफ्ट कार्ड, विदेशी मुद्रा के 21 नोट, ऑनलाइन खरीदे गए 5 लाख के ब्रांडेड कपड़े, 3 स्मार्टफोन, कार व 8 महंगी घड़ियां, हुलिया बदलने के विग व मास्क स्मार्ट एलइडी, परीक्षार्थी दिखने के लिए एक नोट बुक, 8 सिम इजेक्टर और विभिन्न बैंकों की पासबुक बरामद की है। पुलिस टीम में थानाप्रभारी राजेश शर्मा, हेड कांस्टेबल बाबूलाल शमशेर, कांस्टेबल राकेश, रामानंद, दयाराम, जितेंद्र के अलावा साइबर सेल के हेड कांस्टेबल संदीप, कांस्टेबल पुष्पेंदर, सुशील व रवि शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी में हेड कांस्टेबल संदीप की विशेष भूमिका रही है।
ऐसे करते थे वारदात....
आरोपी सबसे पहले सोशल मीडिया के जरिए परीक्षा केन्द्रों की जानकारी प्राप्त कर परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर बाहर पार्किंग में खड़े अभ्यर्थियों के दुपहिया व चौपाइयां वाहनों की रैंकिंग कर परीक्षा शुरू होने पर वाहनों के शीशे तोड़कर वाहनों में रखे नकद रुपए, मोबाइल फोन, सिम तथा डेबिट व क्रेडिट कार्ड में महिलाओं के आभूषण स्मार्ट वॉच आदि चोरी करते थे। डेबिट व क्रेडिट कार्डों के पिन रीजेनरेट कर बैंकों से नकद रुपए निकलवा लेते थे। यूपीआई एप के माध्यम से ऑनलाइन शॉपिंग कर लेते थे। पहचान छुपाने के लिए टोपी, विग व मास्क का उपयोग भी करते थे।
देशभर में की गई वारदातें.....
आरोपियों ने कोटपूतली व पनियाला थाने के अलावा, भरतपुर, अलवर, सीकर, अजमेर, जवाहर नगर जयपुर, अम्बेडकर नगर यूपी, कानपुर, ग्वालियार, मानसरोवर जयपुर, शिप्रापथ जयपुर, जवाहर नगर जयपुर, साइबर थाना उत्तर दिल्ली, चौमूं, आजमगढ़ में परीक्षा केन्द्रों के बाहर खड़ी कारों से चोरी की वारदातें कबूल की है।
Published on:
29 Sept 2023 12:13 am
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