27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोटपूतली बहरोड़ नया जिला होने से दो जिलों का बिगड़ेगा भूगोल, IAS शुभम चौधरी, IPS रंजिता शर्मा संभालेगी पदभार

कोटपूतली बहरोड़ नए जिले की होगी शुरूआत

3 min read
Google source verification

बस्सी

image

Vinod Sharma

Aug 06, 2023

कोटपूतली बहरोड़ नया जिला होने से दो जिलों का बिगड़ेगा भूगोल, IAS शुभम चौधरी IPS रंजिता शर्मा संभालेगी पदभार

कोटपूतली बहरोड़ नया जिला होने से दो जिलों का बिगड़ेगा भूगोल, IAS शुभम चौधरी IPS रंजिता शर्मा संभालेगी पदभार

जयपुर। कोटपूतली बहरोड़ के नए जिले के अस्तित्व में आने से जयपुर सहित अलवर जिले का भौगोलिक गणित बदलेगा। इन दोनों जिलों की जनसंख्या कम होगी। अलवर जिले से नीमराणा औद्योगिक क्षेत्र अलग होने से अर्थव्यवस्था में बदलाव आएगा। नए जिले में अलवर जिले की बहरोड़ व बानसूर विधानसभा क्षेत्र के चार उपखण्ड व जयपुर जिले की कोटपूतली विराटनगर की विधानसभा क्षेत्र के तीन उपखण्ड शामिल किए है। नए जिला कार्यालयों के भवनों के लिए पनियाला में 180 बीघा भूमि आवंटित की गई है। इस अनुसार आने वाले समय नए जिले का मुख्यालय पनियाला ही रहेगा। यहां से पनियाला की दूरी 10 किलोमीटर है। बहरोड़ से भी पनियाला की दूरी इतनी ही है। इसलिए इस 20 किलोमीटर की दूरी में तेजी से विकास होगा। आवागमन के साधन बढ़ेंगे। नए शोरूम व नए व्यवसाय शुरू होंगे।

जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक संभालेंगे पद....
कोटपूतली बहरोड़ जिला घोषित होने के बाद सोमवार से विविधत शुरूआत होगी। प्रभारी मंत्री शांति धारिवाल व राज्य मंत्री और विधायक राजेन्द्र यादव नए जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक को कार्यभार ग्रहण करवाएंगे। इसके लिए राजकीय एलबीएस के खेल मैदान में विशेष सभा होगी। सभा के लिए वाटरप्रूफ डोम तैयार किया जा रहा है। प्रशासनिक जिला ओएसडी का पद जिला कलक्टर एवं पुलिस ओएसडी का पद एसपी कहलाएगा। ऐसे में आईएएस शुभम चौधरी कोटपूतली-बहरोड़ जिले की पहली जिला कलक्टर व आईपीएस रंजिता शर्मा पहली पुलिस अधीक्षक होगी।

नए जिले से यह होगा लाभ.....
नए जिले से प्रशासन जनता के नजदीक होगा। सरकारी कामकाज और सुगम व बेहतर होगा। राजमार्ग पर नए जिले की आखिरी सीमा हरियाणा बोर्डर को टच करेगी। छोटे जिले होने से प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर निगरानी रहेगी और दूरदराज के गांवों तक के लोगों को जिला मुख्यालय पर बैठे अफसरों तक पहुंचने में आसानी रहेगी। छोटे जिले होने से गांव, पंचायत, ब्लॉक का जिला मुख्यालय से बेहतर और सीधा संवाद होगा। विकास की रफ्तार तेज, कानून और व्यवस्था बेहतर, कनेक्टिविटी बढ़ेगी, सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक ज्यादा आसानी से पहुंच हो सकेगी। जिला मुख्यालय से गांवों और कस्बों की दूरियां कम होगी इससे प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद बढ़ेगा।

नए जिले में होंगे 14 थाने व 18 चौकी....
नए जिले में 48 भू अभिलेख निरीक्षक, 189 पटवार मण्डल, 7 नगरीय निकाय, 7 पंचायत समितियां, 205 ग्राम पंचायत व 614 राजस्व ग्राम शामिल होगें। नए जिले में 2 जिला अस्पताल, 1 उप जिला अस्पताल, 15 सीएचसी, 51 पीएचसी, 294 उप स्वास्थ्य केन्द्र व 85 आयुर्वेदिक औषधालय होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 7 महाविद्यालय, 271 राजकीय उमावि, 311 उप्रावि, 307 प्रावि एवं 68 अंग्रेजी शिक्षा के महात्मा गांधी विद्यालय होंगे। पुलिस की दृष्टि से नए जिले में 14 थाने व 18 चौकी व 2 कारागृह नए जिले में शामिल होंगे। इसके अलावा 15 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय, 41 पशु चिकित्सालय व 162 पशु चिकित्सा उपकेन्द्र जिले में शामिल होगें। जिले में कुल 1290 आंगनबाड़ी केन्द्र होंगे।

70 वर्ष का लम्बा रहा संघर्ष.....
जिले की मांग को लेकर पिछले 70 वर्ष में अलग-अलग संगठनों के माध्यम से लगातार धरना प्रदर्शन हुए थे। यहां से निर्वाचित होने वाले सभी विधायक ने अपने-अपने स्तर पर कोटपूतली को जिला बनाने के सार्थक प्रयास किए। इसके अलावा सर्वदलीय जिला निर्माण संघर्ष समिति के स्व.वैद्य बालाबक्श शास्त्री ने भी कई बार जिले की मांग को लेकर धरने प्रदर्शन किए। जिला निर्माण एवं समग्र विकास समिति संयोजक शिक्षाविद् हीरालाल भूषण ने भी धरना प्रदर्शन किए। भाजपा नेता मुकेश गोयल ने भी पोस्टकार्ड अभियान और जिला चेतना रथ यात्रा निकाली थी। अभिभाषक संघ ने लगातार कई दिनों तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया था। कई बार कोटपूतली बंद रहा था।