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तीन साल से संविदा कार्मिकों को नियुक्ति का इंतजार

तीन साल से संविदा कार्मिकों को नियुक्ति का इंतजार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर मनरेगा कार्मिक बीडीओ को सौंपा ज्ञापन बस्सी . मुख्यमंत्री के 10029 पदों पर भर्ती के निर्णय के बाद भी पंचायतीराज विभाग की भर्तियों में नियुक्तियां नहीं करने से गुस्साए मनरेगा कार्मिक 3 दिन सामुहिक अवकाश पर रहने के बाद शुक्रवार से अनिश्चितकालीन अवकाश पर चले गए। सोमवार से कार्मिक पंचायत राज मंत्री के गृह जिले टोंक में आमरण अनशन में शामिल होंगे। इसे लेकर कार्मिकों ने बीडीओ को ज्ञापन सौंपा।

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तीन साल से संविदा कार्मिकों को नियुक्ति का इंतजार

तीन साल से संविदा कार्मिकों को नियुक्ति का इंतजार

ज्ञापन में बताया कि कार्मिक इससे पहले 26 से 28 नवंबर तक विरोध जताते हुए सामुहिक अवकाश पर रहे। इसके बाद भी सरकार ने इनकी मांगें नहीं मानी, तो अब समस्त नरेगा कार्मिक संघ ब्लॉक बस्सी के तत्वावधान में आज से अनिश्चितकालीन अवकाश पर चले गए। कार्मिक सोमवार को पंचायत राज मंत्री के गृह जिले टोंक में आमरण अनशन में शामिल होंगे। इस दौरान ब्लॉक के समस्त मनरेगा कार्मिक मौजूद रहे। कार्मिकों के अवकाश पर चले जाने से क्षेत्र में मनरेगा के कार्य प्रभावित हो गए हैं। इसमें मस्टररोल जारी करना, जमा करवाना तथा मजदूर लगाना आदि कार्य नहीं हो पा रहे है।

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कार्मिकों ने बताया कि संविदा कार्मिकों तथा युवा बेरोजगारों के लिए सकारात्मक पहल के तहत पिछले कांग्रेस शासनकाल में पंचायतीराज विभाग में 19515 कनिष्ठ लिपिकों तथा 4915 अधीनस्थ सेवा के पदों पर भर्तियां वर्ष 2013 में विज्ञापित की गई थी। दोनों भर्तियों में कट ऑफ का निर्धारण करते हुए समस्त अभ्यार्थियों के दस्तावेज सत्यापन का कार्य भी 2013 में पूर्व हो गया था, लेकिन इसी वर्ष सभी जिला परिषदों में कनिष्ठ लिपिक के 7765 पदों पर भर्ती हो गई इसके बाद न्यायालय वाद के चलते भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया। 29/11/2016 में वाद निस्तारण संविदा कार्मिकों के पक्ष में हो गया। इसके बाद पूर्ववर्ती सरकारों से भर्तियों को पूरा करने के लिए अवगत कराया गया, लेकिन सरकार ने दोनों भर्तियों में नियुक्ति नहीं दी।