
फोटो पत्रिका नेटवर्क
जयपुर। बस्सी उपखंड के दूधली गांव में रविवार सुबह शोक का माहौल उस वक्त अफरा-तफरी में बदल गया, जब एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार के दौरान अचानक मधुमक्खियों का झुंड लोगों पर टूट पड़ा और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के दूधली गांव में अंतिम संस्कार के दौरान जैसे ही चिता को मुखाग्नि दी गई, पास खड़े नीम और पीपल के पेड़ों पर लगे तीन छत्तों में हलचल शुरू हो गई। कुछ ही क्षणों में मधुमक्खियां उग्र हो गई और श्मशान घाट पर मौजूद लोगों पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से मौके पर भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोग जमीन पर लेट गए तो कुछ ने कपड़ों और कंबलों से खुद को ढककर बचाव किया। मधुमक्खियों ने करीब 200 मीटर तक लोगों का पीछा किया।
हमले में करीब 150 लोगों को मधुमक्खियों ने डंक मार दिए। घायलों में कल्याण मल मीणा, मनोज मीणा, लोकेश मीणा, दिनेश मीणा, जगदीश पालड़ी और मूलचंद मीणा को बस्सी उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। वहीं प्रहलाद और जगदीश की हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया।
घटना के दौरान पास के घरों से महिलाओं ने कंबल उपलब्ध कराए, जिससे कई लोगों की जान बची। हालात इतने बिगड़ गए कि अंतिम संस्कार की अंतिम प्रक्रिया तक कुछ लोगों ने कंबल ओढ़कर ही रस्में पूरी की। घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए, जबकि करीब 40 घायलों का इलाज स्थानीय निजी क्लीनिकों में कराया गया।
आपको बता दें कि शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ में पारसोली क्षेत्र के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया था। हमले से बचने के लिए वहां भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए कई लोग पास ही बह रही नदी में कूद गए थे। बाद में परिवार के सदस्य पीपीई कीट पहन कर पहुंचे और अंतिम संस्कार की रस्में निभाई। हमले में 11 ग्रामीण घायल हो गए थे, जिन्हें उपचार के लिए पारसोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था।
Updated on:
29 Mar 2026 09:02 pm
Published on:
29 Mar 2026 09:02 pm
