
Diwali 2023: व्यापारियों व कारोबार से जुड़े़ लोगों के लिए सुकून भरी खबर है। पिछले साल की तरह इस बार भी दीपोत्सव पांच की जगह छह दिवसीय होगा। इसके चलते व्यापारियों के चेहरे खिले हुए है। गत वर्ष सूर्य ग्रहण के कारण दिवाली उत्सव पांच की जगह छह दिन चला। इस बार सोमवती अमावस्या के कारण छह दिन यह पर्व चलेगा। दिवाली का महापर्व धनतेरस से लेकर भैया दूज तक चलता है। दीपोत्सव पांच दिन का होता है लेकिन, इस बार छह दिन का होगा।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस बार चतुर्दशीयुक्त अमावस्या प्रदोष कालीन होने से दिवाली का पर्व 12 नवम्बर को मनाया जाएगा। दिवाली प्रदोष कालीन और निशीथकालीन अमावस्या में मनाना शास्त्र सम्मत रहता है। इस दिन अमावस्या तिथि दोपहर 2.44 बजे से शुरू होगी जो सोमवार 13 नवम्बर दोपहर 2.56 तक रहेगी। 15 नवम्बर बुधवार को भाई दूज तिथि दोपहर 1.50 बजे तक रहेगी। उदय कालीन द्वितीया तिथि बुधवार को होने से इसी दिन भैया दूज का पर्व भी मनाया जाएगा। बहनें अपने भाई के तिलक लगाकर मुंह मीठा कराएंगी। इसे यम द्वितीया और भ्रातृद्वितीया भी कहते हैं।
अन्नकूट महोत्सव भी 14 को: उदयकालीन प्रतिपदा तिथि होने से अन्नकूट महोत्सव मंगलवार को मनेगा। महिलाएं तडक़े घर के आंगन में गोबर के गोवर्धन बनाकर पूजा-अर्चना करेगी। कई जगह शाम को पुरुष गोवर्धन की पूजा करेंगे। घर से लेकर मंदिरों तक गोवर्धन पूजा का दौर चलेगा। ठाकुरजी के छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाकर भक्तों को वितरित किया जाएगा। इधर, दिवाली को लेकर हर वर्ग में उत्साह है। कस्बों से लेकर गांवों तक तैयारियां शुरू होने लगी है।
सोमवती अमावस्या 13 नवम्बर को: इस बार 13 नवम्बर सोमवार को अमावस्या तिथि दोपहर 2.56 बजे तक होने से इस दिन उदयकालीन सोमवती अमावस्या रहेगी। सोमवती अमावस्या पर दान-पुण्य का दौर चलेगा। महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना के साथ पीपल के पेड़ का पूजन कर सोमवती अमावस्या की कहानी सुनेंगी। अगले दिन 14 नवम्बर को अन्नकूट एवं गोवर्धन पूजा का आयोजन होगा।
Published on:
26 Oct 2023 01:02 pm
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