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भारतीय सेना में अहीर रेजीमेंट के गठन की मांग, युवाओं ने निकाली बाइक रैली

राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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भारतीय सेना में अहीर रेजीमेंट के गठन की मांग, युवाओं ने निकाली बाइक रैली

भारतीय सेना में अहीर रेजीमेंट के गठन की मांग, युवाओं ने निकाली बाइक रैली


शाहपुरा (जयपुर)। भारतीय सेना में अहीर रेजीमेंट के गठन की मांग जोर पकड़ती जा रही है। शाहपुरा, विराटनगर व आमेर इलाके के अहीर (यादव) समाज के सैकडों युवाओं ने बाइक रैली निकालकर अहीर रेजीमेंट बनाने की मांग की है। मनोहरपुर से शुरू हुई बाइक रैली घासीपुरा, खोजावाला मोड़, ऊबी कोठी, निठारा मोड़, जयपुर तिराहा होते हुए शाहपुरा स्थित नारायण पार्क पहुंची। रैली में शामिल युवाओं का लोगों ने पुष्पवर्षा कर हौसला बढ़ाया।

इसके बाद प्रतिनिधि मंडल एसडीएम कार्यालय पहुंचा और एसडीएम शाहपुरा मनमोहन मीणा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया है कि अहीर(यादव) समाज ने हमेशा राष्ट्र हित में विभिन्न युद्धों में अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश की अखंडता औऱ एकता के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर किया है। अहीर समाज के सैनिकों के प्रतिष्ठा, स्वाभिमान, त्याग व बलिदान की भावना को देखते हुए भारतीय सेना में अहीर रेजीमेंट का गठन किया जाए, ताकि समाज के उन वीर योद्धाओं व उनके परिवारों को उचित मान मिल सके।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सेना में अहीर रेजीमेंट के गठन की मांग को लेकर समाज काफी समय से मांग करता आ रहा है। कई बार सरकार को ज्ञापन भेजकर समाज की भावनाओ से अवगत भी कराया जा चुका है लेकिन सरकार ने रेजीमेंट के गठन के संबंध में कोई ध्यान नहीं दिया। संयुक्त अहीर रेजीमेंट समन्वयन ट्रस्ट बनाकर वर्षों से अहीर रेजीमेंट के लिए संघर्ष किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान नारनोल के नसीबपुर में 5 हजार से अधिक अहीर वीरों ने अपनी शहादत दी थी। इसके अलावा 1962 में चीन के साथ युद्ध मे रेजांगला पर 114 वीर अहीरों ने अपनी कुर्बानी देकर 3 हजार से अधिक चीनी सैनिकों को देश की सीमा से खदेड़ दिया था।

वर्ष 1965 व 1971 के युद्ध में भी अहीर कौम के सपूतों ने देश के खातिर कुर्बानियां दी थी। उनकी कुर्बानियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आजादी के संग्राम से राव गोपाल देव, राव बालकिशन, राजा राव तुलाराम की कुर्बानियों से आरंभ हुआ देश की अस्मिता बचाने का दौर आज तक जारी है।

उन्होंने बताया कि अहीर(यादव) समाज सदैव निडर और बहादुर कौम रही है। इस कौम के वीर सपूतों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अहीर रेजीमेंट का गठन करना चाहिए। इस दौरान यादव समाज के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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