शाहपुरा (जयपुर)। जयपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में रसातल में जा रहे पानी को लेकर उपजे जल संकट से हालात विकट होते जा रहे हैं। जयपुर ग्रामीण क्षेत्र की शाहपुरा, विराटनगर, पावटा सहित कई तहसील क्षेत्रों में तो पानी पाताल में जाने से हालात अधिक विकट होते जा रहे हैं। इलाके में कृषि के लिए तो दूर पीने के पानी का भी संकट पैदा हो रहा है।
इन खराब हालातों से निपटने के लिए ईस्टर्न राजस्थान कैनाल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव गिरधारी लाल घोंसल्या व अन्य ने सोमवार को शाहपुरा नायब तहसीलदार जगदीश प्रसाद को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश सचिव घोंसल्या ने ज्ञापन में अवगत कराया कि भूगर्भ में पानी गहराने से जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल को लेकर हालात बदतर होते जा रहे हैं। जयपुर ग्रामीण का अधिकतर भूभाग कृषि आधारित क्षेत्र रहा है, लेकिन वर्तमान में पानी के रसातल में जाने से शाहपुरा, विराटनगर, पावटा, कोटपूतली व अलवर के बानसूर सहित कई जगह हालात खराब है। जो खेती सोना उगलती थी, वह बंजर होती जा रही है।
इस समस्या को देखते हुए क्षेत्र की शाहपुरा, विराटनगर, पावटा, कोटपूतली व अलवर के बानसूर सहित आसपास की तहसीलों को भी परियोजना से जोडऩे की मांग की है। ताकि क्षेत्र फिर से खुशहाल हो सके।
इस मौके पर कांग्रेस नेता देव कसाना, समाजिक कार्यकर्ता मुकेश मीणा, ओम कसाना, बुद्धराम, होशियार कसाना, कांग्रेस सचिव रामस्वरूप चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश यादव, लक्ष्मण कपूरिया, महेंद्र, रामसिंह, एडवोकेट बाबूलाल, अमरचंद, मोहनलाल, गिरधारी, हरिराम यादव, नारायण जाट, पोखर मल सहित कई लोग उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि जयपुर ग्रामीण इलाके में भूगर्भ में पानी काफी नीचे जाने से कई जगह पेयजल का संकट बना हुआ है। जलदाय विभाग को भी दूर दराज के गांवों व नदी क्षेत्रों से पानी लाना पड़ राह है। इस संकट के समाधान के लिए क्षेत्र के किसान लगातार क्षेत्र को नदियों से जोडऩे की सरकार से मांग करते आ रहे हैं। वर्तमान में ईस्टर्न राजस्थान कैनाल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी सभी तहसीलों में पीएम के नाम अधिकारियों को ज्ञापन देकर मांग कर रहे हैं।