13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ईस्टर्न राजस्थान कैनाल परियोजना शुरू हो तो बंजर जमीन उगले सोना

परियोजना का काम शुरू कराने की मांग, लोकसभा अध्यक्ष को दिया ज्ञापन

2 min read
Google source verification
ईस्टर्न राजस्थान कैनाल परियोजना शुरू हो तो बंजर जमीन उगले सोना

ईस्टर्न राजस्थान कैनाल परियोजना शुरू हो तो बंजर जमीन उगले सोना

भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी शिक्षक प्रकोष्ठ सदस्य जीएल यादव ने लोकसभा अध्यक्ष से की मुलाकात


शाहपुरा/आंतेला। जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में रसातल में जा रहे पानी को लेकर उपजे जलसंकट से हालात विकट होते जा रहे हैं। इन खराब हालातों से निपटने के लिए ईस्टर्न राजस्थान कैनाल परियोजना का काम शुरू करवाने की मांग को लेकर भाजपा नेता जीएल यादव ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में उन्होंने पेयजल के विकट हालात को देखते हुए राजस्थान कैनाल परियोजना का काम शीघ्र शुरू करवाने की मांग की। उन्होंने अवगत कराया कि दिनोंदिन भूगर्भ में पानी गहराई पर जाने से जयपुर ग्रामीण में पेयजल को लेकर हालात बदतर होते जा रहे है। पानी का लेवल दिनोंदिन नीचे जा रहा है।

बोरिंग तक सूख रहे हैं। कृषि कम होती जा रही है। जयपुर ग्रामीण का अधिकतर भूभाग कृषि आधारित क्षेत्र है। लोगों की आजीविका खेती पर ही टिकी हुई है। इसके बावजूद पानी के रसातल में जाने से शाहपुरा, जमवारामगढ़, विराटनगर विधानसभा सहित जिलेभर में हालात खराब हो रहे हैं। लोगों को पीने का पानी जुटाने के लिए भी काफी परेशानी होती है। जो खेती सोना उगलती थी वो बंजर होती जा रही है।

परियोजना से मानसून के दौरान मध्यप्रदेश से आने वाली कुन्नू कुल पार्वती कालीसिंध मेज नदी बेसिनों में आने वाले अतिरिक्त पानी को बनास, मोरेल, बाणगंगा, पार्वती, कालीसिंध व गंभीर नदी बेसिनों में पहुंचाने की मांग की। इसके जरिए जयपुर के अलावा झालावाड़, बांरा, कोटा, बूंदी, सवाईमाधोपुर, अजमेर, टोंक, दौसा, करौली, अलवर, भरतपुर व धौलपुर तक अतिरिक्त पेयजल पहुंचेगा। जयपुर के रामगढ़ , बुचारा सहित अन्य बांध भी पुनर्जीवित हो सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि जयपुर ग्रामीण इलाके में दिनोंदिन भूगर्भ में पानी गहराता जा रहा है। इससे पेयजल संकट उत्पन्न हो रहा है। साथ ही खेती भी कम होती जा रही है। कई गांवों में तो हालात यह है कि हर साल बोरिंग सूखते जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों पेयजल संकट अधिक बढ़ सकता है। इसको लेकर क्षेत्रवासी क्षेत्र को नदियों से जोडऩे की मांग काफी समय से करते आ रहे हैं।