
डॉक्टर अर्चना शर्मा सुसाइड केस मामले में दूसरे दिन भी मेडिकल सेवा रही ठप
शाहपुरा (जयपुर)। दौसा जिले के लालसोट में निजी अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ अर्चना शर्मा के आत्महत्या मामले को लेकर शाहपुरा क्षेत्र में दूसरे दिन गुरुवार को भी चिकित्सकों ने विरोध जताते हुए कार्य बहिष्कार कर ओपीडी में मरीजों को नहीं देखा। सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों ने केवल इमरजेंसी में मरीजों देखा। इस दौरान चिकित्सकों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सहित अन्य मांगों को लेकर एसडीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
इधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर क्षेत्र में निजी चिकित्सालय दूसरे दिन भी बंद रहे। कई अस्पतालों के निजी चिकित्सक डॉ अर्चना शर्मा के प्रति संवेदना व्यक्त करने और घटना पर विरोध जताने के लिए लालसोट भी पहुंचे।
कस्बे के राजकीय उप जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. संजय सिंह शेखावत, डॉ गिरधारी लाल पलसानियां, डॉ जेपी योगी, डॉ ओम प्रकाश, डॉ भोमराज कुमावत, डॉ दिनेश पाल यादव, डॉ. महेन्द्र पलसानिया सहित अन्य चिकित्सकों ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज में चिकित्सक पूरी मानवता के साथ तत्परता बरतते हुए इलाज करते हैं। डॉ अर्चना शर्मा गोल्ड मैडलिस्ट थी और अस्पताल की टीम ने प्रसूता को बचाने का पूरा प्रयास किया था। कई बार अस्पतालों में ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं। लोग बेवजह चिकित्सकों को टारगेट करते है। ऐसी घटनाओं से चिकित्सक मानसिक तनाव में रहते हैं। डॉ अर्चना शर्मा ने भी दबाव में आकर आत्महत्या की है।
चिकित्सकों ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो इसको लेकर दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा के तहत मामला दर्ज करने और दोषियों केा गिरफ्तार करने की मांग की। चिकित्सकों ने कहा कि राज्य सरकार ने भी जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के नाम पर महज औपचारिकता पूरी की है। जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन शाहपुरा इकाई के अध्यक्ष डॉ महेंद्र श्रीया, रीजनल वाइस प्रेसिडेंट डॉ रजनीश शर्मा, डॉ बी एल मीणा, डॉ सुरेंद्र मोहन, डॉ महेश मौर्य, डॉ सुमेर सिंह, डा कानन शर्मा, डॉ नरेंद्र राव, डॉ रामजीलाल, डॉ वंदना मौर्य सहित कई चिकित्सकों ने घटना पर रोष जाहिर करते हुए कहा कि पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की अवहेलना कर हत्या का मामला दर्ज किया है। जिससे चिकित्सक ने पुलिस से परेशान होकर आत्महत्या की है।
ऐसे में दोषी पुलिस अधिकारियों तथा मामले में शामिल सभी लोगों पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। इधर, दो दिन से चिकित्सा सेवाएं बाधित होने से मरीज उपचार के लिए परेशान नजर आए।
Published on:
31 Mar 2022 09:29 pm
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