
कोटपूतली (जयपुर)। यहां 11 हजार 744 हैक्टेयर में फैले वन क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई हो रही है। इससे वन क्षेत्र सिकुड़ते जा रहे है। लेकिन इसको रोकने के लिए वन विभाग वन रक्षक व पशु रक्षकों की कमी से जूझ रहा है। यहां अभी केवल 9 वन रक्षक व 08 पशु रक्षक है। इससे एक वनरक्षक के जिम्मे एक हजार से अधिक वर्ग हैक्टेयर क्षेत्र की जिम्मेदारी है। एक वन रक्षक के लिए इतने बड़े क्षेत्र की देखरेख व निगरानी करना संभव नहीं है। इसके अलावा अभी जो वनरक्षक है वो सभी उम्र दराज है। पिछले दो साल में सेवा निवृत हुए चार वन रक्षकों के स्थान पर भी नए वन रक्षक नहीं लगाए गए। वन विभाग ने वनों की सुरक्षा के लिए जो संसाधन लगा रखे है उनसे इनकी सुरक्षा महज औपचारिक है। वन विभाग के पास उपलब्ध संसाधन के आधार पर वनों की कटाई रोकी नहीं जा सकती। पुलिस से मदद मांगने पर भी वह भी वन अधिनियम का मामला बता कर पल्ला झाड़ लेती है। ऐसे में सुरक्षा गार्ड खुद को असहज महसूस करते है। वनों से लकड़ी काट कर ले जाने वालों को रोकने के लिए विभाग ने पावटा, बूचारा व कोटपूतली में तीन वन नाके लगा रखे है।
संसाधन के नाम पर महज लाठियां
वनकर्मियों के पास हथियार के नाम पर केवल लाठियां टार्च के अलावा उनकी वर्दी ही होती है। जानवरों को काबू करने के लिए टै्रंकुलाइजर गन तक नहीं है। कभी किसी जंगली जानवर को काबू में करने के लिए जयपुर से रेस्क्यू टीम बुलाते है। विभाग के पास रेंजर मुख्यालय पर केवल एक वाहन होता है। सूचना आदान प्रदान के लिए कोई सूचना तंत्र नहीं है। स्वयं के साधनों बाइक आदि से वन क्षेत्र की देख-रेख करते है।
सुरक्षा भी करनी होती है
वनरक्षकों को वन क्षेत्र के अलावा वन्यजीवों की भी सुरक्षा करनी होती है। पिछले दो साल में वन्य जीवों का कुनबा बढ़ा है। इसके चलते वन्यजीवों की सुरक्षा खतरे में रहती है। इस साल 219 वन्यजीवों का कुनबा बढ़ा है। वन सम्पदा व वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ग्राम स्तर पर वन सुरक्षा व प्रबंध समिति का गठन किया है। वहीं वन क्षेत्र में धोक, शीशम, नीम, बबूल, विलायती बबूल, टोटलीस प्रजापित सहित कई पेड़ है। इनकी कटाई को भी रोकने का ध्यान रखना पड़ता है।
फैक्ट फाइल
पद स्वीकृत- कार्यरत
एसीएफ 01-01
रेंजर 01-01
वनपाल 05-05
सहायक वनपाल 03-03
वन रक्षक 15-09
पशु रक्षक 20-08
इनका कहना है
वन क्षेत्र में कटाई को रोकने के लिए विभाग के कर्मचारी उपलब्ध संसाधन के आधार पर इसे रोकने की कार्रवाई करते है। वन रक्षकों के लिए दो बाइक आवंटित हुई है। इनमें से एक बूचारा चौकी व दूसरी यहां मुख्यालय पर रहेगी।
वीके शर्मा, रेंजर वन विभाग, कोटपूतली
Published on:
09 May 2018 10:37 pm
