कोटखावदा (जयपुर) .जयपुर जिले के कोटखावदा के रामनगर सड़क मार्ग किनारे हरिद्वार में अस्थियां विसर्जित कर घर जाने के लिए परिजनों के इंतजार में पेड़ के नीचे बैठे एक ही परिवार के 6 जनों को रविवार सुबह कार ने कुचल दिया। इनमें से चार जनों की मौत हो गई और दो का जयपुर में इलाज चल रहा है। चालक कार को मौके पर ही छोड़ कर फरार हो गया था।
बिना कुछ खाए ही दुनिया से चले गए…..
पत्रिका टीम जब मंगलवार को मृतकों के घर पहुंची तो परिजन बिलख पड़े। यहां मौके पर अपने बेटे, बहू और पोते को खोने के बाद वृद्धा धापू देवी से कुछ कहते नहीं बन रहा था। वृद्धा ने बताया कि हरिद्वार में क्रियाकर्म कर यहां आने के बाद उनके लिए घर पर चावल बना रही थी। ताकि परंपराओं को पूरा किया जा सके। लेकिन इसी दौरान उनको किसी गाड़ी ने टक्कर मार दी। ऐसे में मेरे लाल, पोता और बहू बिना कुछ खाए दुनिया से चले गए। जिसका मुझे जिंदगी भर अफसोस रहेगा।

सदमें में भाई-बहन…
मृतक सीताराम के बेटे हनुमान ने बताया कि वह और उसकी बुआ का लड़का हरिद्वार से आए परिजनों को पानी पिलाने गए थे तभी यह घटना हो गई। घटना से सभी परिवार जन बहुत दुखी है और हम बचे हुए भाई बहन भी सदमे में है। बार-बार जब वह मंजर सामने आता है तो घबरा जाते है। हनुमान के भी गाड़ी की टक्कर से सिर में चोट आई है।
परिजनों ने इनको खोया….
हादसे में डोया की ढाणी निवासी सुनीता पत्नी मदन, गोलू पुत्र मदन, सीताराम पुत्र बंशीलाल और अनीता पत्नी सीताराम की मौत हो गई। वहीं विक्की पुत्र मदन और मनोहर पुत्र हुकमचंद गवारिया का एसएमएस अस्पताल में उपचार चल रहा है।
आरोपी खुले में घूम रहे….
प्रत्यक्षदर्शी आरती ने बताया कि वह मौके पर ही थी। आरोपियों ने पहले सड़क मार्ग पर तीन चार बार गाड़ी को इधर से उधर घुमाया। उसके बाद हमारे पास आते ही गाड़ी को तेजी से चलाने लगे और टक्कर मारते हुए गाड़ी को आगे ले जाकर फिर टक्कर मारी। जिसके चलते मेरी मां, मौसी, भाई और ताऊ की मृत्यु हो गई। घटना के काफी समय बाद भी आरोपी खुले में घूम रहे है।
स्थिति दयनीय : 5 बच्चों का कैसे होगा लालन-पालन….
अकाल मौत का शिकार हुए परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पांच दिन में परिवार के 5 लोगों की मौत के बाद अब दोनों भाइयों के 5 बच्चे बचे हैं, इनके लालन पालक को लेकर संकट खड़ा हो गया है। पांचों बच्चों के माता-पिता की मौत हो गई। 17 मई को मदन गवारिया की मृत्यु के बाद रविवार को जीप की टक्कर से उसकी पत्नी सुनीता और पुत्र गोलू की भी मृत्यु हो गई। वहीं दुर्घटना में घायल होने के बाद उसका छोटा पुत्र विक्की जयपुर अस्पताल में भर्ती है। वहीं बेटी आरती का घर पर रो-रोकर बुरा हाल है। ऐसे में दोनों भाई-बहन बचे हैं।

61 लाख के मुआवजे पर बनी सहमति, 28 घंटे बाद धरना समाप्त…..
सोमवार को दूसरे दिन मुआवजा व आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चारों मृतकों के शवों के साथ ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन दिनभर जारी रहा। इस दौरान राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा जयपुर में डीजीपी आवास के सामने मृतकों की बेटियों को साथ लेकर धरने पर बैठ गए। शाम को 61 लाख के मुआवजे पर सहमति व नामजद प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लोगों ने धरना समाप्त किया और शव उठाए। बाद में चारों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं दोपहर में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट व चाकसू विधायक वेदप्रकाश सोलंकी घटनास्थल पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मिले। इसी दौरान चाकसू विधायक के खिलाफ लोगों ने नारे लगाए। रोष जताते हुए भीड़ उग्र हो गई तथा पथराव कर दिया था।

इन पर बनी सहमति…
– 4 मृतकों को 53 लाख व दो घायलों को 8 लाख सहित 61 लाख की सहायता।
– मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख का चेक सौंपा
-मृतक परिवार के एक व्यक्ति को संविदा नौकरी
-दोनों परिवारों को प्रधानमंत्री आवास व कैटल शेड
– मृतक के बच्चों को पालनहार योजना का लाभ
– आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी
