
जयपुर। रिश्वत में अब नकदी की जगह सोना लिया जा रहा है। यह खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से एक के बाद एक की गई जब्ती की कार्रवाई में हुआ है। पहले योजना भवन स्थित सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीओआईटी) के कार्यालय और अब जल-जीवन मिशन (जेजेएम) में भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। जेजेएम के तहत घर-घर तक नल पहुंचाने के काम में सोना बटोरा जा रहा है। लोगों के घर नल भले ही नहीं पहुंचे हो, लेकिन इससे जुड़े ठेकेदार और अधिकारियों के बीच सोने की डील बड़े स्तर पर हो रही है। अकेले जल-जीवन मिशन में ईडी दस किलो से ज्यादा सोना बरामद कर चुकी है। ईडी ने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि सोना किसके लिए लिया जा रहा था। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।
अब तक 16.8 किलो सोना जब्त....
ईडी ने जेजेएम और डीओआईटी मामलों में अबतक 16.8 किलो सोना जब्त किया है। इसके साथ ही पांच करोड़ रुपए की नकदी भी बरामद की है।
लंबे समय से ईडी के निशाने पर.....
जेजेएम में भ्रष्टाचार की आशंका पर ईडी ने लम्बे से कई लोगों को रडार ले रखा था। हालांकि ईडी से पहले बड़ी कार्रवाई एसीबी ने की। सिंधी कैम्प स्थित ठेकेदार के आवास पर 6 अगस्त को छापा मारा। इसमें ठेकेदार पदम चंद जैन के साथ एक्सईएन माया लाल व अन्य गिरफ्तार किए गए। इसके बाद ईडी ने कार्रवाई शुरू की और एक सितम्बर को जेजेएम से जुड़े कई अधिकारियों व व्यवसायियों के यहां छापे मारे। सेवानिवृत्त आरएएस के यहां करीब डेढ़ करोड़ रुपए और एक किलो सोना मिला। 13 सितम्बर को जब ईडी ने आरोपी अधिकारियों के बैंक लाॅकर खंगाले तो एक ठेकेदार ओपी विश्वकर्मा के लाॅकर में 8 किलो सोना तो अमिताभ कौशिक के लॉकर में डेढ़ किलो सोना और मिला।
उठ रहे सवाल.....
जेजेएम की तरह डीओआईटी में भी रिश्वत में सोना लिया जा रहा है। विभाग के मुख्यालय में जब संयुक्त निदेशक वेद प्रकाश यादव की अलमारी में ढाई करोड़ और एक किलो सोना मिला, तब इसका खुलासा हुआ। 20 मई को मिली नकदी और सोना किसका था, इस सवाल पर यादव ने चुप्पी साधे रखी। इस मामले को आगे बढ़ाया ईडी ने। ईडी ने यादव से पूछताछ के बाद एक फर्म के बैंक लॉकर से 5.3 किलो सोना बरामद किया है।
Published on:
17 Sept 2023 10:42 pm
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