20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बुचारा बांध क्षेत्र की जमीन पर अवैध खनन

तीन विभागों के अधिकारियों ने किया दौरा बुचारा बांध क्षेत्र की जमीन पर अवैध खनन पावटा . बुचारा ग्राम में रविवार को बांध क्षेत्र की सरकारी भूमि में अवैध खनन के दौरान ब्लॉस्टिग से हुए हादसे के बाद सोमवार को तीन विभागों के अधिकारी खनन क्षेत्र का दौरा किया। क्षेत्र में सिंचाई विभाग, खान विभाग एफएसएल टीम के अधिकारी मौके पर पहुंचे।  

less than 1 minute read
Google source verification

बस्सी

image

Arun Sharma

Nov 26, 2019

बुचारा बांध क्षेत्र की जमीन पर अवैध खनन

बुचारा बांध क्षेत्र की जमीन पर अवैध खनन

खान विभाग के सहायक अभियन्ता संजय शर्मा ड्राफ्ट मैन सुशील कुमार, सिचाई विभाग के सहायक अभियन्ता यशवीर सिंह चौधरी, पावटा नायब तहसीलदार नरेश कुमार शर्मा, प्रागपुरा थाना प्रभारी सहित कई अधिकारी खनन स्थल पर जाकर मौका मुआयना किया।
प्रागपुरा थाने के कार्यवाहक थाना प्रभारी रामस्वरूप ने बताया कि खननकर्ता संतोष सतपाल व सुगनचन्द मीणा अवैध ब्लास्टिग कर रहे थे। इस दौरान खान में ***** बनाकर बारूद भर दी गई। बारूद नहीं चलने पर तीनों बारूद से भरे ***** के पास गए तो जाते ही अचानक विस्फोट हो गया। इससे तीनों जख्मी हो गए। जिनका एसएमएस में उपचार जारी है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियन्ता यशवीर सिंह ने बताया कि बुचारा बांध के डूब क्षेत्र में ४०० एकड़ जमीन है। इसमें अधिकांश भूमि पर अवैध खनन किया जा रहा है।
डेढ़ दशक से
अवैध खनन
गौरतलब है कि १५ सालों से यहां अवैध खनन हो रहा है, लेकिन कई प्रभावशाली लोगों का संरक्षण होने के बाद व पुलिस व प्रशासन की मिली भगत से कोई कार्यवाही नहीं होती है। इधर, सामाजिक कार्यकर्ता नितेन्द्र मानव ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेज कर एनजीटी के आदेशों की पालना कर सरकार से पुलिस बल लगाने की मांग की है।
पुलिस बल का आश्वासन
खान विभाग के अधिकारियों से बुचारा क्षेत्र में पूर्व की भांति पुलिस बल तैयार करने की मांग की, जिस पर अधिकारियों ने पुलिस बल लगाने आश्वासन दिया। मानव ने बताया कि दायर जनहित याचिका 45/2017 पर सुनवाई करते हुए कोटपूतली के कल्याणपुरा बुचारा आदि गांवों में उच्च स्तर पर हो रहे अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए दस हथियार बंद पुलिसकर्मियों को तैनात किए गए थे, लेकिन चुनावों को देखते हुए बल हटा दिया गया। इससे खनन माफिया ने बेखौफ अवैध खनन कर रहे हैं।