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उपखंड अधिकारी का आदेश नहीं मान रहा सिंचाई विभाग नहरें खोलने के दिए थे निर्देश

उपखंड अधिकारी का आदेश नहीं मान रहा सिंचाई विभाग नहरें खोलने के दिए थे निर्देश रामसागर बांध की नहरें खुले तो मिले क्षेत्र के किसानों को राहत शिवदासपुरा (बस्सी) . पानी से लबालब चंदलाई का रामसागर बांध अब किसानों के लिए परेशानी का कारण बनने लगा है। बांध के पानी की व्यवस्था को लेकर बनाई गई जलप्रबंधन समिति पानी को लेकर सुस्त है। इसके चलते बांध के भराव क्षेत्र में खातेदारी की जमीन होने के बाद भी किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं।

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उपखंड अधिकारी का आदेश नहीं मान रहा सिंचाई विभाग     नहरें खोलने के दिए थे निर्देश

उपखंड अधिकारी का आदेश नहीं मान रहा सिंचाई विभाग नहरें खोलने के दिए थे निर्देश

उपखंड अधिकारी चाकसू द्वारा सिंचाई विभाग को निर्देश देने के बाद भी नहरों को नहीं खोला जा रहा है। इससे किसानों की बांध भराव क्षेत्र में आने वाली खातेदारी जमीनें खाली नहीं हो पा रही हैं।

जानकारी अनुसार सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने हाल ही बांध की नहरें खोलने के लिए बैठक बुलाई थी। इसमें एसडीएम ने विभाग के सहायक अभियंता को बांध की नहरें कुछ दिनों तक लगातार खोलने के निर्देश दिए गए। इससे किसानों की बांध भराव क्षेत्र में आने वाली खातेदारी जमीन खाली हो तो खेती कर सकें। लेकिन विभाग के अधिकारियों ने बांध पर बनी जलप्रबंधन समिति की बात को महत्व देते हुए एसडीएम के निर्देशों को दरकिनार कर दिया।

सिंचाई विभाग की बेरुखी---
सिंचाई विभाग की बेरुखी से यह समस्या किसानों पर पिछले ४ सालों से लगातार बनी हुई है। अब किसानों की फसल बुआई का समय हो गया है लेकिन जलप्रबंधन समिति और सिंचाई विभाग द्वारा नहरें नहीं खोली जा रही हैं। ऐसे में किसानों की जमीनों में वापस पानी भरने लगा है और खेती नहीं हो पा रही है। रामसागर बांध से निकलने वाली नहरों को मरम्मत गर्मी में होती है, लेकिन उसे अब किया जा रहा है।

एक दर्जन गांवों को पानी की जरूरत---
जल प्रबंधन समिति द्वारा चंदलाई के आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों में बांध का पानी नहीं छोडऩे से किसानों को बिना खेती के रहना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग की ओर से २००८ में करीब एक करोड़ रुपए की लागत से तितरिया ग्राम पंचायत में बने बांध को भरने के लिए पाइप लाइन डाली गई थी, लेकिन नहरें नहीं खोलने से तितरिया का बांध भी खाली है। भोज्याण्ड, बृजनाथपुरा, तितरिया, आलेवास, चोसला, यारलीपुरा सहित कई आसपास के गांवों में बांध की नहरों का पानी छोड़ा जाए तो यहां के गांवों के किसानों को राहत मिल सकती है।

इनका कहना है---
बांध पर बनी जलप्रबंधन समिति की आवश्यकता के अनुसार ही नहर खोली जाएगी। समिति की सुविधा के अनुसार खोल और बंद नहीं कर सकते।---प्रेमकुमार वर्मा, सहायक अभियंता सिचाई विभाग।

इनका कहना है---
किसानों की मांग पर विभाग के अधिकारियों ने नहरें खोलने के लिए कहा है। उसी आधार पर खोली जाएगी।--- श्योजीराम बागड़ा, अध्यक्ष, जलप्रबंधन समिति चंदलाई बांध।

इनका कहना है---
विभाग के अधिकारियों से इस विषय पर बात की जाएगी।--- ओमप्रकाश सहारण, एसडीएम, चाकसू