
अस्थाई कुलपति के भरोसे चलेगा संस्कृत विवि
जयपुर।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विवि का संचालन अब अस्थाई कुलपति के भरोसे होगा।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुधि राजीव को जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विवि का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। विवि की मौजूदा कुलपति प्रो. अनुला मौर्य का कार्यकाल २२ अगस्त को समाप्त हो रहा है।। राज्यपाल कलराज मिश्र ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। चार सदस्यों की कुलपति सर्च कमेटी ने आवेदन मांगे थे। प्राप्त आवेदनों में से चयनित नाम कमेटी ने १० अगस्त को राज्यपाल को सौंप दिए थे लेकिन अभी तक फैसला नहीं होने के कारण विवि को स्थाई कुलपति नहीं मिल सका है। प्रो. सुधि राजीव ने १५ अगस्त को ही पत्रकारिता विवि के कुलपति का दायित्व संभाला है।
निश्चितता नहीं पर, मैराथन मेहनत, ग्रैजुएली स्टडी और सही गाइडेंस जरूरी
सिविल सेवा परीक्षा के रैंकर्स ने शेयर किए अनुभव
जयपुर। सिविल सेवा परीक्षा 2021 में सफलता प्राप्त करने वाले रैंकर्स ने रविवार को केएसजी आईएएस इंस्टीट्यूट में परीक्षा में चयन तक सफरनामे के अनुभव शामिल किए।
राहुल बंसल,आकाश शर्मा,उत्कर्ष खाण्डल,चिराग मेहता ,भावेश चौधर ने एक बात कॉमन कही कि इस प्रतिष्ष्ठित परीक्षा में सरटेन्टिटी जैसी कोई चीज नहीं है। धैर्य के साथ कड़ी मैराथन मेहनत, किस्मत, ग्रैजुएली स्टडी और सही गाइडेंस और गाइड लाइन सबसे ज्यादा जरूरी है। तब कहीं जाकर कामयाबी की ओर कदमों का रुख होता है।
चिराग मेहता ने बताया कि सीएसई में पहली दफा बैठा तो मेरे लिए यह ट्रायल एंड एरर जैसा एक्सपीरिएंस रहा। वहीं उत्कर्ष खाण्डल का कहना था कि इस परीक्षा में सबसे अधिक पैशेन्स ही काम आता है। इसके बाद हर प्रतियोगी को घर का पूरा सपोर्ट मिलना भी जरूरी है।
आकाश शर्मा ने कहा कि रेगुलर स्टडी और दिन.रात स्टडी का माहौल बेहद जरूरी है। भावेश चौधर ने बताया कि मेरा रुझान मेराथन एथलीट में अधिक रहा। यह स्ट्रेस ही कम नहीं करता बल्कि आपमें नई ऊर्जा भरने का काम भी करता है। सिविल सेवा परीक्षा में यह मैथड बहुत काम आया। कार्यक्रम में आईएसएस टीना ढाबी व आईएएस रिया डाबी की मां हिमानी डाबी ने शिरकत की।
Published on:
21 Aug 2022 05:04 pm
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