जयपुर। जवाहर कला केंद्र में 18 जनवरी से 3 मार्च तक प्रस्तुतिपरक नाट्य शास्त्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। नाट्य शास्त्र पर आधारित 45 दिवसीय कार्यशाला जेकेकेए नाट्यकुलम संस्थान,जयपुर और राजस्थान संस्कृत अकादमी मिलकर कर रहे हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 14 जनवरी निर्धारित की गई है।
महानुभवों का रहेगा सानिध्य
नाट्य शास्त्र के व्याख्याता डॉ.राधा वल्लभ त्रिपाठी, डॉ. महेश चम्पकलाल शाह, डॉ. संगीता गुन्देचा रस, भाव, अभिनय और विषय वस्तु जैसे नाट्य शास्त्र के विभिन्न पहुलओं पर रंगकर्मियों को व्याख्यान देंगे। वरिष्ठ नाट्य निर्देशक भारत रत्न भार्गव कार्यशाला के क्यूरेटर और गिरीश सोपानम सह नाट्याचार्य रहेंगे। संस्कृत नाटक में अभिनय की तरह ही संगीत की भी महती भूमिका रहती है, इसलिए नृत्याचार्य प्रेरणा श्रीमाली, संगीताचार्य डॉ.मधु भट्ट तैलंग का भी मार्गदर्शन रहेगा। वहीं राजीव मिश्रा बतौर कार्यशाला सहायक भूमिका निभाएंगे।
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नाटक होगा तैयार
इस दौरान संस्कृत नाटक प्रतिभागियों को पढ़ाए जाएंगे। नाट्य शास्त्र के नियमों को ध्यान में रखकर संस्कृत का नाटक हिंदी में तैयार होगा, जिसका मंचन कार्यशाला के बाद होगा।
न्यूनतम योग्यताएं
पूर्व में 1 से 2 कार्यशाला में भाग ले चुके 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के रंगकर्मी आवेदन कर सकते हैं। नाट्य निर्देशक या नाट्य संस्थान द्वारा अनुशंसा पत्र पेश करना होगा।