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धरा रह गया 3 करोड़ का फल, सर्दी की ऐसी पड़ी मार, 30 रुपए किलो के भाव का फल कोई 2 रुपए किलो में लेने को तैयार नहीं

जिले की सबसे बड़ी मंडी का हाल
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बस्सी

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Arun Sharma

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Updated: 2 Jan 2020, 11:18 PM IST

धरा रह गया 3 करोड़ का फल, सर्दी की ऐसी पड़ी मार, 30 रुपए किलो के भाव का फल कोई 2 रुपए किलो में लेने को तैयार नहीं

धरा रह गया 3 करोड़ का फल, सर्दी की ऐसी पड़ी मार, 30 रुपए किलो के भाव का फल कोई 2 रुपए किलो में लेने को तैयार नहीं

जयपुर। कड़ाके की सर्दी ने आमजन को ही नहीं ठिठुराया बल्कि सब्जी एवं फलों को भी सर्दी की मार पड़ी है। तेज सर्दी के कारण सब्जियां मुरझा गई। वहीं सबसे बड़ी मार पड़ी आवले की खेती पर। अचरोल क्षेत्र के किसान किसान सत्यनारायण यादव, रामफूल यादव ने बताया कि अचरोल ओर आसपास क्षेत्र में आंवले का उत्पादन और प्रजाति अति उत्तम है जिसके चलते आंवला 25 से 30 रुपए किलो तक बिकता है, लेकिन सर्दी से बर्बाद हुए इस आंवले को आंवला व्यापारी 2 रुपए में भी खरीदने को तैयार नहीं है।
जयपुर जिले की उत्पादन के मामले में आंवले की सबसे बड़ी मंडी के लिए मशहूर अचरोल में पिछले एक सप्ताह से मायूसी छाई हुई है। क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और पाला पडऩे से करोड़ों रुपए की आंवला की फसल बर्बाद हो गई। अचरोल सहित लबाना,तालामोड, धींगपुर सहित क्षेत्र में करीब 500 से अधिक बीघा भूमि पर किसान आंवला की खेती कर रहे हैं। पाले के कहर से खेतों में खड़े आंवले के पेड़ झुलसने के साथ आंवला पेड़ पर ही सफेद हो गया। जिससे आंवला खराब होने से किसानों की उम्मीद भी धूमिल हो गई।

2 साल में अब नहीं होगा उत्पादन
आंवला माजी का बाग निवासी किसान कजोड़ यादव, बोधाणी के बंशीधर यादव, तारावली ढाणी के रामेश्वर यादव आदि दर्जनों किसानों ने बताया कि हमने कर्ज लेकर खेतों में आंवला की खेती शुरू की थी। अब जब कुछ कमाने का समय आया तो सर्दी बैरन बन गई। आंवला खराब होने के साथ पेड़ भी झुलसने से अब इन पेड़ों में 2 साल तक आंवला नहीं लग पाएगा। जिससे किसानों को दोहरी मार पड़ी है। पूर्व सरपंच भैरूलाल यादव, पूर्व उपसरपंच रिछपाल मीना, अचरोल ग्राम सहकारी समिति के पूर्व अध्यक्ष शिंभू दयाल यादव ने पीडि़त किसानों के लिए राजस्थान सरकार से मुआवजे की मांग की है।

देश विदेशों में जाता है अचरोल का आंवला
किसान कजोड़ मल यादव, नानू राम यादव, कैलाश यादव ने बताया कि बताया कि अचरोल का आंवला राजस्थान सहित दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, उत्तराखंड सहित कई राज्यों ओर विदेशों में सप्लाई होता है। व्यापारी किसानों से 25 से 30 रुपए किलो तक के भाव में खरीदता है। यही आंवला इन राज्यों में 50 से 70 रुपए किलो तक बेचा जाता है। अचरोल से प्रतिदिन 5 से 10 गाडिय़ां आंवला बाहर सप्लाई होता है। अचरोल का आंवला मुरब्बा ओर आयुर्वेदिक दवाइयों के लिए मशहूर है।