खेत को पानी, फसल को दाम के उद्घोष के साथ किसान महापंचायत के बैनर तले प्रदेश भर के किसानों ने हाथों में हल और अपनी मांगों का बैनर पोस्टर लेकर प्रदेश के विभिन्न भागों से आए हुए किसान राजधानी पंहुच चुके हैं और अब यह आज दोपहर तक शहीद स्मारक पहुंच कर अपनी आवाज उठाएंगे। किसान महापंचायत के बैनर तले प्रदेश के पांच अलग-अलग स्थानों से किसानों ने इस पदयात्रा की शुरुआत की थी। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी कानून,यमुना का पानी जयपुर, सीकर, नागौर जिलों में पहुंचाए जाने के साथ ही 1994 के समझौते की पालना करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर इस पदयात्रा की शुरुआत की गई है। जाट ने कहा कि उनकी मांगों में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को पूरा करने के लिए लागत का बजट में आवंटन करते हुए 13 जिलों के सभी बांधों और नदियों को जोडऩे, परवन बहुउद्देशीय नहर परियोजना सहित पूर्वी राजस्थान नहर परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने के लिए संकल्प लाना और आपदाओं ने नष्ट हुई फसलों के लिए जितना नुकसान, उतनी भरपाई के आधार पर सहायता प्रदान करना शामिल हैं।
पदयात्रा की शुरुआत उदयपुर-अजमेर मार्ग पर दूदू के गणेश मंदिर, झालावाड-कोटा मार्ग पर टोंक जिले की निवाई अनाज मंडी, आगरा-भरतपुर मार्ग पर जिला मुख्यालय दौसा के रेल्वे स्टेशन के पास धर्मशाला से, दिल्ली-जयपुर मार्ग शाहपुरा के त्रिवेणी धाम और बीकानेर-सीकर मार्ग पर ब्रह्मचारी आश्रम गणेश मंदिर से आरंभ हुई थी।
रास्ते में ही रोका पुलिस ने
शाहपुरा एवं श्रीमाधोपुर से आरंभ हुई यात्राओं को चौंमू में,निवाई से आरंभ हुई यात्रा को पिंजरापोल गौशाला पर और दूदू से आरंभ हुई यात्रा को पुलिस ने मंगलम सिटी पर रोक दिया।
महापंचायक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर कुंवर राष्ट्रदीप सहित डिप्टी कमिश्नर (दक्षिण) भरत लाल मीणा से वार्ता की। चौमू में पदयात्री किसानों को रोकने पर पुलिस से जद्दोजहद भी हुई जिसके बाद यात्राएं अपने निर्धारित स्थान पर पहुंच पाई। रामपाल जाट ने कहा कि उनकी मांग केवल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने की है। किसी अन्य प्रतिनिधि या मंत्रियों से वह नहीं मिलना चाहते।
यह किसान नेता पदयात्रा में शामिल
पदयात्रा में राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मुसद्दी लाल यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष हरिराम जाटव, जयपुर संभाग के संगठन मंत्री सुरेश बिजारणिया, प्रदेश मंत्री कैलाश चौधरी, जगदीश जांगिड,यमुना जल लाओ संघर्ष समिति के परमानंद पलसानिया,प्रवक्ता रामलाल जाट, खेमचंद,भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष रहे गोवर्धन सिंह, ईआरसीपी संयुक्त मोर्चा के जवान सिंह, बस्सी अभिभाषक संघ के अध्यक्ष राजा राम चौधरी सहित बड़ी संख्या में किसान नेता शामिल हो हुए है।
यह हैं किसानों की मांगें
न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी कानून ।
यमुना का पानी से जयपुर, सीकर, नागोर जिलों में पहुचाना एवं 1994 के समझौते की पालना करना ।
पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को पूर्ण करने के लिए लागत का बजट में आवंटन करते हुए 13 जिले के सभी बांधों एवं नदियों को जोड़ना ।
परवन बहुउदेशीय सिंचाई परियोजना सहित पूर्वी राजस्थान नहर परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने के लिए संकल्प लाना ।
आपदाओं से नष्ट हुई फसलों के लिए “जितना नुकसान – उतनी भरपाई” के आधार पर सहायता प्रदान करना।