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750 सीढ़ियां चढ़कर लाखों श्रद्धालुओं ने बांकी माता से मांगी मन्नत

लक्खी मेला शुरू: देवीतला गांव की पहाड़ी पर है बांकी माता व मुसाण्या भैरव मंदिर

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रायसर @ पत्रिका. कस्बे के देवीतला गांव की अरावली पर्वतमाला की पहाड़ी पर विराजमान बांकी माता व मुसाण्या भैरव बाबा के पांच दिवसीय लक्खी मेले के दूसरे दिन शनिवार को करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने 750 सीढ़ियां चढ़कर माता के दर्शन किए। माता के दरबार में जयपुर, अलवर, दौसा, दिल्ली व हरियाणा सहित देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

अलसुबह से लेकर देर शाम तक माता के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। बांकी माता मेला सेवा समिति कोषाध्यक्ष जगदीश मीणा व सचिव कमलेश मीणा ने बताया कि समिति द्वारा बांकी माता के मुख्य द्वार और सीढ़ियों में विराजमान केसर सिंह व पृथ्वीसिंह भैरव मंदिर सहित माता के दरबार को सजाया है। देर शाम तक माता के दरबार में श्रद्धालुओं के आने का तांता लगा रहा। गौरतलब है कि बांकी माता का मुख्य मेला 27 व मुसाण्या भैरव बाबा का 26 फरवरी को लगेगा।

चल शौचालय व अस्थाई टावर की कमी..
बांकी माता व मुसाण्या भैरव बाबा के पांच दिवसीय लक्खी मेला की व्यवस्था संभालने के लिए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के जवानों ने शुक्रवार शाम से मोर्चा संभाल लिया। जमवारामगढ़ वृताधिकारी शिवकुमार भारद्वाज, रायसर थानाधिकारी रामधन सांडीवाल ने बताया के मेले की व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस लाइन, एसपी कार्यालय, आंधी, चंदवाजी, जमवारामगढ़ व रायसर थाना सहित जयपुर ग्रामीण के 15 थानों से 150 महिलाएं व पुरुष जवान लगाए हैं।


बांकी माता सेवा समिति अध्यक्ष सीताराम मीणा ने बताया कि मेला समिति ने जयपुर नगर निगम को चल शौचालय और मोबाइल कंपनी को अस्थाई टावर लगाने का ज्ञापन दिया था, लेकिन न तो चल शौचालय आया है और नहीं अस्थाई टावर लगाया गया। जिसके चलते मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नेटवर्क समस्या के चलते भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।