
चाकसू (जयपुर)। कस्बे का सबसे व्यस्ततम कोटखावदा मोड़ आज भी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। यहां से दिल्ली, सवाईमाधोपुर, कोटा सहित करीब तीन दर्जन से अधिक रुट पर चलने वाली दौ सौ से अधिक बसों का ठहराव व रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही होने के बावजूद विश्राम स्थल नहीं होने से मुसाफिर परेशान है। इससे सर्दी, गर्मी व बारिश में यात्रियों को इधर-उधर दुकानों, थडिय़ों का सहारा लेना पड़ता है। बस पकडऩे के लिए मोड़ पर बच्चों के साथ तेज धूप में खड़ा रहना मजबूरी है। इधर-उधर हुए तो बस छुटना लाजमी है।
यात्रियों की रेलमपेल
कस्बे से गुजर रहे जयपुर-टोंक रोड पर स्थित मोड़ पर दिन में दौ सौ से ज्यादा बसें रुककर सवारियों को बिठाती व चढ़ाती है, लेकिन यहां यात्री विश्राम स्थल नहीं होने से सवारियों को बस के इंतजार में सड़क किनारे चिलचिलाती धूप में खड़ा रहना पड़ रहा है। वहीं लो-फ्लोर बसों का स्टैण्ड भी यहीं होने से यात्रियों की रेलमपेल लगी रहती है। कई बार धूप के कारण सवारियां होटल पर बैठी रहती है और चालक बस को बिना रोके ही सीधे ही ले जाता है। इससे यात्रियों के सामने दोहरी दुविधा होने के बावजूद जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।
इन गांवों के लोग करते यात्रा
कोटखावदा, छांदेल, गरूडवासी, बड़ौदिया, निमोडिया, आकोडिया, थली, कादेड़ा, सवाईमाधोसिंहपुरा, टूमली का बास, कोथून, गिरधारीलालपुरा, मंडालिया मैदा, तामडिया, शक्करखावदा, जयसिंहपुरा, स्वामी का बास, मूंडिया, बीडपीनारपुरा, राघवपुरा समेत अनेक गांव व ढाणियों के लोग कोटखावदा मोड़ से अपने गंतव्य स्थान के लिए बस पकड़ते हैं।
पानी व सुविधाओं के लिए भटकते यात्री
यहां पेयजल व पर्याप्त पेशाबघर की सुविधा नहीं होने से यात्री इनकी तलाश में भटकते रहते हैं। मजबूरी में यात्रियों को पानी खरीद कर पीना पड़ता है। वहीं पेशाबघर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोग परेशान रहते हैं। खासकर महिलाओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। भीड़ भाड वाला स्थान होने के बाद भी प्रशासन का ध्यान यहां के विकास पर नहीं है।
नहीं है बुकिंग विण्डो
यहां दर्जनों रुट की बसों का ठहराव होने के बावजूद रोडवेज प्रशासन ने बुकिंग विण्डों की व्यवस्था नहीं कर रखी। जिससे सवारियों को बसों के आने-जाने का समय व किराया राशि की जानकारी नहीं मिल पाती। वहीं बुकिंग विण्डों नहीं होने से बस एक निश्चित स्थान पर नहीं रुकती। जिससे कई बार सवारियों को बसों के आगे-पीछे भागना पड़ता है।
रात को बाइपास से गुजरती है बसें
यहां रात को आठ बजे बाद जयपुर सहित अन्य स्थानों पर जाने के लिए यात्रियों को घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ता है। दिन में तो अधिकांश बसे कस्बे से गुजरती है वहीं लो-फ्लोर के संचालन से साधनों की कमी महसूस नहीं होती, लेकिन रात आठ बजे बाद लो-फ्लोर भी बंद हो जाती है। वहीं निवाई-टोंक की ओर से आने वाली अधिकांश बसे बायपास से गुजर जाती है। जिससे यात्रियों को परेशानी होती हैै।
इनका कहना है
यहां कोटखावदा मोड़ पर यात्रियों के लिए छाया-पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि व अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हंै। सुलभ सुविधाएं भी नाम मात्र की है। जिससे सवारियों को परेशानी हो रही है।
राजकुमार शर्मा, यात्री
कोटखावदा मोड़ पर सुविधाओं को लेकर पालिका बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। यहां कस्बे का प्रमुख स्थान है। यात्रियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक बिन्दुओं पर चर्चा कर बोर्ड सदस्यों की सहमति से विकास के प्रस्ताव लिए जाएंगे।
रामरतन शर्मा, पार्षद
Published on:
15 May 2018 07:56 pm
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