
ग्राम पंचायतों की बदली सीमाओं में नेता टटोल रहे आधार
कोटपूतली बहरोड़ जिले में ग्राम पंचायतों के परिसीमन से बदली गांवों की पंचायती की बिसात के मोहरे अपने अपने ‘घरों’ के गुणा-भाग में व्यस्त होने लगे हैं। नए परिसीमन में पुरानी ग्राम पंचायतों का दायरा कम हुआ तो कई नए गांवों को पंचायत मुख्यालय बनाया गया है। ऐसे भी कई गांव हैं जो पंचायत मुख्यालय बनने से महरूम रहे। प्रस्तावित ग्राम पंचायतों की सूची में मांग के बावजूद नाम नहीं आने पर वहां के ग्रामीण अब आपत्तियां दर्ज करवा रहे हैं। जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचने वालों की पीडा यह भी कि पहले पंचायत मुख्यालय से उनके गांव की दूरी कम थी, जो नए मुख्यालय से बढ गई है। छोटे गांव को ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाने एवं बडे राजस्व गांव को दरकिनार करने की टीस भी सामने आ रही है। प्रशासन ग्रामीणों के दावों के आधारों की समीक्षा कर रहा है। इसके बाद प्रस्तावित ग्राम पंचायतों पर मोहर लगेगी। कोटपूतली में ग्राम पंचायतों के परिसीमन के बाद यहां की पंचायत समिति में 29 ग्राम पंचायतें प्रस्तावित हैं। ग्राम पंचायतों के गठन में सुगम आवाजाही व गांवों की सुविधाओं को ध्यान में रखा गया है। पंचायत समिति में भी ग्राम पंचायतों को इसी तरह से शामिल किया है।
पंचायत प्रतिनिधि टटोल रहे जनाधार
ग्राम पंचायतों के परिसीमन के बाद करीब 12 से अधिक गांवों के लोग आपत्तियां दर्ज करवाने पहुंचे हैं। जहां ग्रामीण अपनी सुविधा को तरजीह दे रहे हैं तो सरपंची जमाने वाले अपने नफा-नुकसान से आंकलन कर रहे हैं। परिसीमन से जिनका जनाधार प्रभावित हो रहा है, उनकी पीड़ा भी सामने आने लगी है।
जिला कलक्टर कार्यालय में पहुंच रहे लोग
जिले में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन व परिसीमन की प्रस्ताव निकलने के साथ ही आपत्तियां दर्ज करवाने वाले जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचने लगे हैं। इनमें ग्रामीणों को होने वाली परेशानियां गिनाई जा रही हैं। अपनी-अपनी मांगों, परेशानियों व सुविधाओं को आपत्तियों के जरिए प्रशासन के समक्ष रख रहे हैं। इसको लेकर जिला कलक्टर कार्यालय में लोगों की आवाजाही का सिलसिला बढ़ रहा है।
यह होगा नया
जिला बनने के बाद जयपुर जिले की कोटपूतली, विराटनगर व अलवर जिले की बहरोड़ व बानसूर विधानसभा क्षेत्र की गाम पंचायतों का पुनर्गठन व परिसीमन हुआ है। विराटनगर की कुछ ग्राम पंचायतों के जयपुर जिले की सीमा में शामिल होने से इन ग्राम पंचायतों की जिला सीमा में बदलाव किया गया है। जिला कलक्टर 6 मई तक आपत्तियां सुनेंगी। आपत्तियों की सुनवाई के बाद ही अंतिम तस्वीर सामने आ सकेगी।
Published on:
13 Apr 2025 05:14 pm
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