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ढाई लाख की आबादी: 1 करोड़ 96 लाख की डिमाण्ड, कभी 70 लाख तो कभी 80 लाख लीटर मिल रहा है पानी

बस्सी @ पत्रिका. भीषण गर्मी में पूरे बस्सी उपखण्ड इलाके में पानी के लिए त्राही – त्राही मची हुई है। उपखण्ड की 2 लाख 50 हजार की आबादी के लिए लिए 1 करोड़ 96 लाख लीटर पानी की डिमाण्ड है, जिसमें से बीसलपुर परियोजना से औसतन 96 लाख लीटर पानी मिल रहा है, जिसमें से […]

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बस्सी @ पत्रिका. भीषण गर्मी में पूरे बस्सी उपखण्ड इलाके में पानी के लिए त्राही – त्राही मची हुई है। उपखण्ड की 2 लाख 50 हजार की आबादी के लिए लिए 1 करोड़ 96 लाख लीटर पानी की डिमाण्ड है, जिसमें से बीसलपुर परियोजना से औसतन 96 लाख लीटर पानी मिल रहा है, जिसमें से भी 25 लाख लीटर पानी दौसा जिला मुख्यालय भेजना पड़ता है। यदि दौसा के 25 लाख लीटर पानी को छोड़ दिया जाए तो बस्सी उपखण्ड में 1 करोड़ 35 लाख लीटर की डिमाण्ड की एवज में प्रतिदिन 60 से 70 लाख लीटर ही पानी मिल रहा है। यही कारण है कि शहरी इलाके में एक टाईम तो ग्रामीण इलाकों में कभी दो तो कभी तीन दिन में पानी आ रहा है।

बिजली बाधित का मिल रहा है बहाना…

बस्सी उपखण्ड के लिए बीसलपुर परियोजना से निवाई पम्प हाउस से पानी की लाइन आती है। बीसलपुर परियोजना के बस्सी अधिकारियों का तर्क है कि गर्मियों में निवाई पम्प हाउस पर आए दिन बिजली सप्लाई बाधित होने से बस्सी में पानी की आवक कम हो रही है। पांच दिन से बस्सी उपखण्ड के लिए 96 लाख लीटर की जगह किसी दिन 70 तो किसी दिन 75 लाख लीटर ही पानी आ रहा है। जिसमें से भी 25 लाख लीटर पानी दौसा भेजा जा रहा है।

यह है बस्सी शहर की िस्थति…

बस्सी नगरपालिका की आबादी 35 हजार है, जिसके लिए 25 लाख लीटर पानी की डिमाण्ड है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का दावा है कि बस्सी शहर के लिए एक दिन में 7 लाख लीटर पानी तो बीसलपुर परियोजना से मिलता है और 10 लाख लीटर पानी स्थानीय ट्यूबवैलों से मिल रहा है। लेकिन हकीकत यह है बीसलपुर परियोजना से फिर भी 6-7 लाख लीटर पानी बीसलपुर परियोजना से तो 3 साढ़े 3 लाख लीटर पानी स्थानीय स्रोतों से ही पानी मिल पाता है। जबकि स्थानीय स्रोत में 28 ट्यूबवैल है, जिनसे 10 लाख लीटर पानी डिस्चार्ज होता है। जबकि हकीकत यह है कि बस्सी को 17 लाख लीटर पानी मिल ही जाता तो शहर में कम से एक समय पूरे शहर में सप्लाई हो सकती थी, लेकिन हालात यह है कि शहर की एक तिहाई काॅलोनियों में तो पानी पाइप लाइन ही नहीं है। जहां पर नल है वहां पर तीस से चालीस मिनट ही पानी आता है, वह भी प्रेशर से नहीं आता है।

500 रुपए में टैंकर तो 15 रुपए में खरीदना पड़ता है कैम्पर…

बस्सी शहर में पानी की किल्लत का फायदा प्राइवेट टैंकर वाले व आरओ प्लांट वाले उठा रहे हैं। पांच सौ रुपए में लोग पानी का टैंकर खरीदना पड़ रहा है तो पन्द्रह से बीस रुपए में आरओ के पानी का टैँंकर खरीदना पड़ रहा है।

एक व्यक्ति को इतना मिलना चाहिए पानी…

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता ने बताय कि जलजीवन मिशन योजना की माने तो शहरी क्षेत्र में एक जने को प्रतिदिन 70 लीटर पानी की जरूरत होती है, जबकि ग्रामीण इलाके में एक व्यक्ति के लिए 55 लीटर पानी की जरूरत मानी जाती है। (कासं)

फैकट फाइल….

बस्सी उपखण्ड की आबादी : 2.50 लाख

पानी की डिमाण्ड : 196 लाख लीटर

पानी मिल रहा है: 96 लाख लीटर

दौसा भेजा जा रहा है: 25 लाख लीटर

बस्सी शहर की िस्थति:

बस्सी शहर की आबादी: 35 हजार

बस्सी शहर में पानी डिमाण्ड: 25 लाख लीटर

बस्सी शहर में पानी सप्लाई का दावा: 17 लाख लीटर

वर्जन…

पानी ही कम मिल रहा है…

बस्सी उपखण्ड एवं बस्सी शहर में पानी की जितने पानी की डिमाण्ड है, उतना पानी मिल नहीं रहा है। जितना पानी मिल रहा है, उतना पानी सप्लाई किया जा रहा है। गर्मी के मौसम में पेयजल की दिक्कत आती है। बस्सी शहर में गुढ़ा इलाके व शहर टैंकर भी डलवा दिए हैं। दो नए बोरवेल भी खुदवाए जाएंगे।

– नन्द किशोर मीना, सहायक अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग बस्सी।