
मैं आकाशवाणी के 101.9 एमएच कोटपूतली केन्द्र से बोल रहा हूं
आकाशवाणी का केन्द्र खुलेगा कोटपूतली में
60 किमी तक होगी फ्रिकवेंसी
कोटपूतली. अब रेडियो पर कोटपूतली भी बोलेगा। जयपुर दिल्ली के बीच
कोटपूतली में आकाशवाणी का केन्द्र शुरू किया जाएगा। इससे आसपास के कई कस्बों में कार्यक्रम सुन सकेंगे। करीब 60 किमी की परिधी में कार्यक्रम सुने जा सकेंगे। यहां नया स्टूडियो भी बनाया जा रहा है। इसके साथ ही अब आकाशवाणी पर 101.9 मेगा हर्टस पर कोटपूतली केन्द्र बोलेगा।
हाइवे पर पहला केन्द्र
जयपुर-दिल्ली राजमार्ग पर उप जिला मुख्यालय पर प्रदेश में पहला आकशवाणी केन्द्र शुरू होगा। इसके लिए उच्च क्षमता का नया ट्रांसमीटर लगाने व स्टूडियों बनाने का कार्य शुरू हो गया है। अभी तक यहां आकाशवाणी का रिले केन्द्र संचालित था। दूसरे केन्द्रों के कार्यक्रम प्रसारित किए जाते थे। आकाशवाणी केन्द्र बनने से यहां के कार्यक्रम भी प्रसारित होंगे।
रिले केन्द्र होने की वजह से अब तक केवल 100 वॉट का ही ट्रांसमीटर लगा है। इसकी क्षमता 20 किलोमीटर परिधी में थी जबकि आकाशवाणी केन्द्र के लिए 10 हजार किलोवाट का ट्रांसमीटर लगाया जा रहा है। इस ट्रांसमीटर की ऊंचाई 75 फीट है।
स्टूडियो भी बनेगा
आकाशवाणी केन्द्र के कार्यक्रम प्रसारित करने के लिए प्रसार भारती की ओर से नए स्टूडियो की भी सौगात मिलेगी। आकाशवाणी केन्द्र के लिए विभागीय स्तर पर ट्रांसमीटर छतरी लगाने का कार्य शुरू हो गया है। केन्द्रीय मंत्री व सांसद कर्नल राज्यवद्र्धन सिंह राठौड़ के प्रयासों से शुरू हो रहे केन्द्र का लोकार्पण केन्द्रीय मंत्री राठौड़ करेंगे।
इन कस्बों में सुन सकेंगे कार्यक्रम
आकाशवाणी केन्द्र के शुरू होने व नया ट्रांसमीटर लगने पर कोटपूतली के आसपास चार दिशाओं में 60 किलोमीटर तक की परिधि में केन्द्र की ओर से प्रसारित कार्यक्रम सुने जा सकेंगे। कोटपूतली के उत्तर दिशा में शाहजंहापुर से आगे तक, दक्षिण में चंदवाजी तक, पूर्व में अलवर सीमा तक व पश्चिम में नीमकाथाना सीमर तक फ्रिकवेंसी होगी। दूसरे केन्द्रों के कार्यक्रम यहां से रिले किए जा सकेंगे। जयपुर-दिल्ली मार्ग पर एफएम की कनेक्टिविटी की समस्या भी नहीं रहेगी। नया आकाशवाणी केन्द्र यहां दूरदर्शन रिले केन्द्र पर शुरू हो गया। विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी है।
स्थानीय कार्यक्रम भी होंगे शामिल
आकाशवाणी केन्द्र के इंस्टालेशन के लिए दिल्ली से आए अधिकारियों ने बताया कि आकाशवाणी केन्द्र शुरू होने पर कस्बे में होने वाले जरूरी कार्यक्रमों का संकलन कर उन्हें भी प्रसारित किया जाएगा। स्टूडियों में विषय विशेषज्ञों को बुलाकर उनसे वार्ता के अलावा अन्य ज्ञानवद्र्धक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इस केन्द्र पर आकाशवाणी के किसी भी केन्द्र के कार्यक्रमों का रिले करने की सुविधा रहेगी। हालांकि शुरूआत में जयपुर से प्रसारित कार्यक्रमों को ही वरीयता दी जाएगी।
Published on:
04 Mar 2019 06:52 pm
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