जयपुर। बस्सी इलाके के बांसखोह में रविवार को बारिश के साथ चने के आकार के ओले गिरे।मौसम का मिजाज बदलने से फसलों में नुकसान है। बारिश से खेतों में कटी पड़ी फसल भीग गई। हालांकि बारिश से पहले कई जगह किसानों ने खेतों में कटी फसलों को समेटना शुरू किया। कई किसानों ने खलिहानों में फसलों को तिरपालों से ढंकना शुरू भी किया, लेकिन अधिकांश खेतों में फसल भीग गई। मौसम के अलर्ट को देखते हुए किसान पिछले कई दिनों से खेतों में रबी की सरसों की फसल को तो समेट चुके हैं, अभी चना, जौ व गेहूं की फसलों की कटाई कर रहे है। पिछले कई दिनों से बारिश के अलर्ट के कारण किसान खेतों में जुटे हुए हैं, लेकिन एक साथ फसल पकने के कारण मजदूर नहीं मिलने से किसानों को परेशानी हो रही है।

बरसात से चना, जौ व गेहूं को नुकसान….
बारिश से किसानों के खेतों में चना, गेहूं व जौ की फसल भीग गई। किसानों का कहना था कि उनके मेहनत के पसीने की कमाई खेतों में ही बिखरी पड़ी हुई है। बस्सी मुख्यालय पर अधिक बरसात होने से आसपास के गांवों में खेतों में पड़ी चना, जौ व गेहूं की फसल भीग गई। खेतों में पानी भर गया।

चारा व अनाज होगा खराब…..
जिन खेतों में फसल खड़ी है, उनमें अंधड़ के साथ बारिश आने से फसल आड़ी पड़ गई। वहीं जिन खेतों में फसलों को काट कर खेतों व खलिहानों में पटक रखा है, उनमें अब चारा व अनाज खराब होने की आशंका बढ़ गई है। जिस प्रकार खरीफ की बाजरे की कटाई के समय कड़बी खराब हो गई थी, उसी प्रकार अब गेहूं व जौ का चारा व अनाज भी खराब हो जाएगा।