
प्रत्याशी ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया और भीड़ जुटाने के लिए हरियाणवी लोक गायक कलाकारों का सहारा ले रहे है।
कोटपूतली बहरोड़ जिले में विधानसभा चुनाव की रंगत बढ़ने लगी है। जहां-जहां टिकट फाइनल हो चुके हैं, वहां प्रचार शुरू हो गया है। जातिगत समीकरणों को साधने के लिए समाज की बड़ी सभाएं हो रही है। पार्टी प्रत्याशी व निर्दलीय ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे है। सोशल मीडिया पर किसी ने किसी नेता के दौरे, सेवा कार्य और भाषण से जुड़े वीडियो-फोटो दिख रहे है। नेता भी चुनावी माहौल को रंग देने के लिए सोशल मीडिया पर पैसा खर्च कर रहे हैं। जिसके लिए सोशल मीडिया मैनेजमेंट के लिए अलग से टीम का गठन कर रखा है। रैली में भीड़ को एकत्र कर लंबे समय तक बैठाए रखने एवं चुनाव प्रचार के लिए गाने बनवाने के लिए हरियाणवी गायक बुलाने लगे है। चुनाव के समय सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर खर्च भी बढ़ गया है। जिसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर खर्च अलग-अलग आता है।
सभा में भीड़ जुटाने के लिए बुला रहे कलाकार....
विधानसभा चुनावों में चुनावी सभाओं में भीड़ जुटाने के लिए प्रत्याशी लोक गायक कलाकारों का सहारा लेने लगे है। लोक गायक पार्टी-प्रत्याशी के समर्थन में गाने भी बनाते है। हरियाणा सीमा से सटे कोटपूतली बहरोड़ सहित विराटनगर व पावटा में मांग अधिक है। कलाकार तीन से चार घंटे कार्यक्रम पेश करते है। कार्यक्रम में पांच से सात डांस आइटम एवं इतनी ही रागिनी पेश की जाती है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में अच्छी भीड़ देखकर नेता खुश हो जाते हैं।
सोशल मीडिया पर रहते है एक्टिव....
पार्टी प्रत्याशियों के जब तक टिकट तय नहीं हुए थे, नेताजी पैसा खर्च करने में कतरा रहे थे। मगर टिकट तय होते ही प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया पर दिल खोलकर खर्च करना शुरू कर दिया। चुनाव को लेकर प्रत्येक प्रत्याशी सोशल मीडिया पर एक्टिव होना चाहता है। गत चुनाव के तुलना में इस बार सोशल मीडिया का क्रेज बढ़ा है। ग्राम पंचायत स्तर पर सोशल मीडिया ग्रुप बन गए हैं। जिसमें भी पोस्ट को शेयर किया जाता है।
Updated on:
29 Oct 2023 05:46 pm
Published on:
29 Oct 2023 05:40 pm
बड़ी खबरें
View Allबस्सी
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
