
रामगढ़ बांध बहाव क्षेत्र का मामला : पहले बनाई दीवार, अब कर रहे पक्का निर्माण कार्य
गठवाड़ी (जयपुर)। रामगढ़ बांध को भरने वाली मुख्य बाण गंगा नदी सहित सहायक नदी नाळों में प्रशासनिक अधिकारियों की शिथिलता के चलते हुए अतिक्रमण के बाद आज बांध खुद पानी को प्यासा है। रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र की निगरानी के लिए हाईकोर्ट द्वारा गठित की गई मॉनीटरिंग कमेटी व जमवारामगढ़ उपखण्ड प्रशासन की अनदेखी के चलते अब भी अतिक्रमी बिना कार्रवाई के डर के बेखौफ अतिक्रमण कर रहे है।
राजपुरवास ताला के नाळे का मामला
ऐसा ही एक मामला रामगढ़ बांध को भरने वाली बाण गंगा नदी से जुडे राजपुरवास ताला के नाळे में देखने को मिला है। यहां अतिक्रमी ने पहले दीवार का निर्माण किया। जब मामले में जमवारामगढ़ तहसील प्रशासन ने चुपी साध ली तो अब वहां पक्का निर्माण बन रहा है। रामगढ़ बांध कैचमेंट एरिये में हो रहे अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं करने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने बहाव क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को चिह्नित कर कार्रवाई की मांग की है।
इनका कहना है
अभी मौके पर गिरदावर व पटवारी को भेजकर बहाव क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्य को बंद करवाता हूं। अतिक्रमियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नरेन्द्रकुमार मीणा, एसडीएम, जमवारामगढ़
मुझे निर्माण कार्य की जानकारी नहीं है। कल मौके पर जाकर देखूंगा।
सतीश खण्डेलवाल, एईएन, सिंचाई विभाग, जमवारामगढ़
गौरतलब है कि पिछले साल रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र का दौरा करने आई मॉनिटरिंग कमेटी सदस्यों ने बांध के बहाव क्षेत्र व भराव क्षेत्र में उग रही बिलायती बबूल से पानी की रूकावट होने की आशंका जताई थी। सदस्यों ने प्रशासनिक अधिकारियों को जल्द से जल्द भराव व बहाव क्षेत्र में उग रही बिलायती बबूल को हटाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद एसडीएम जमवारामगढ़ ने टेंडर जारी कर 1 लाख 70 हजार रुपए में बांध से बिलायती बबूल हटाने का ठेका दिया था। जिसमें ठेकेदार को बारिश से पहले का समय दिया था।
Published on:
03 Aug 2018 09:00 am
बड़ी खबरें
View Allबस्सी
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
