
ऋषिराज पाठक को शोधपत्रों, साहित्य लेखन के लिए मिले 180 से अधिक पुरस्कार
जयपुर। ऋषिराज पाठक को साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार सहित 180 से भी अधिक पुरस्कार मिले हैं। साहित्य अकादेमी, संस्कृति मन्त्रालय द्वारा उन्हें वर्ष 2020 का साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार उनके संस्कृत काव्य संकलन आद्योन्मेष: पर प्राप्त हुआ। उनकी इसी रचना आद्योन्मेष: पर भाऊराव देवरस सेवा न्यास, लखनऊ द्वारा वर्ष 2018 का पण्डित प्रताप नारायण मिश्र युवा साहित्यकार सम्मान भी मिला।
उनकी दूसरी रचना श्रीमदूधमसिंहचरितम् पर उन्हें उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ द्वारा वर्ष 2020 का साहित्य पुरस्कार प्राप्त हुआ।संस्कृत में उनकी प्रयोगधर्मिता के लिए दिल्ली संस्कृत अकादमी, दिल्ली सरकार द्वारा उन्हें वर्ष 2016 का संस्कृत समाराधक सम्मान प्राप्त हुआ। ऋषिराज पाठक दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं।
वे बीए संस्कृत ऑनर्स और एमए संस्कृत की परीक्षाओं के यूनिवर्सिटी टॉपर भी रहे हैं। बीए से एमए तक पाँचों वर्ष विश्वविद्यालय में लगातार प्रथम आने के कारण उन्हें हिन्दू कॉलेज और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिभा सम्मान भी मिले हैं। उन्हें जयराम रमेश, शिक्षाविद् प्रोफेसर यशपाल, दिल्ली की पूर्व मुख्यमन्त्री शीला दीक्षित, भारत के पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व वित्त मन्त्री अरुण जेटली ने भी सम्मानित किया था।
ये सम्मान और पदक मिले
पाठक को दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा परम पावन शंकराचार्य स्वानन्दाश्रम हरि पुरस्कार, डॉ. सी डी देशमुख स्मृति स्वर्ण पदक और डॉ. एस. राधाकृष्णन पदक भी मिला है। ऋषिराज को उनके शोधपत्रों, साहित्य लेखन और वेद पाठ सहित गायन, श्लोक, शलाका, भाषण, वाद-विवाद, नाटक, प्रश्नोत्तरी आदि विभिन्न स्पद्र्धाओं में अखिल भारतीय स्तर और राज्य स्तर पर 180 से अधिक पुरस्कार मिले हैं। उन्हें ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य वासुदेवानन्द सरस्वती से भी सम्मानित होने का गौरव प्राप्त है। वर्तमान में ऋषिराज पाठक डीयू के श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला महाविद्यालय के संस्कृत विभाग में सहायक आचार्य पद पर कार्यरत हैं
Published on:
29 Mar 2024 10:30 pm
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