
त्रिवेणीधाम के साधु-संतों ने मिट्टी के बर्तनों में पाई प्रसादी, , जानिए आखिर क्या था कारण
The Saints of Trivenidham found prasad in earthen pots, made people awareशाहपुरा। त्रिवेणीधाम में शुक्रवार को श्रीयादे माता मंदिर का 27वां पाटोत्सव व भंडारा कार्यक्रम संत रामरिछपालदास महाराज व मंदिर महंत प्रहलाददास महाराज के सान्निध्य में धूमधाम से आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इस दौरान सैंकड़ों साधु-संतों ने यहां मिट्टी की थाली, कटोरी, ग्लास, चम्मच आदि बर्तनों में प्रसादी ग्रहण कर लोगों को स्वास्थ्य व पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
त्रिवेणीधाम के संतों ने कहा कि इन दिनों लगभग हर चीज में प्लास्टिक का बहुतायत में उपयोग हो रहा है। जिसका स्वास्थ्य पर तो बुरा प्रभाव पड़ ही रहा है, यह पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है। प्लास्टिक गौवंश के लिए भी घातक है। यह जल्दी से नष्ट नहीं होने के कारण पर्यावरण पर इसका बुरा असर पड़ रहा है।
इसलिए सभी को प्लास्टिक का उपयोग बंद कर देना चाहिए। इसको लेकर संतों ने यहां कार्यक्रम में भेंट किए गए मिटटी के बर्तनों में प्रसादी ग्रहण कर आमजन को पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए जागरुकता का संदेश दिया।इसको लोगों ने भी सराहा।
पाटोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर मंदिर में रामायण पाठ व हवन पूजन सहित कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिर में प्रात: पूजा अर्चना कर श्रीयादे माता का पंचामृत से स्नान, कराकर शृंगार किया और भव्य झांकी सजाई गई। इसके बाद भोग लगाकर श्रद्धालुओं को पंगत प्रसादी वितरण की गई। भण्डारे में क्षेत्र के हजारों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर यहां संत सम्मेलन का भी आयोजन हुआ, जिसमें पैंतालीसा, सत्ताईसा, शेखावटी मंडल सहित आसपास के साधु संत व महंत शामिल हुए।
अमृत माटी इंडिया ट्रस्ट के चेयरमैन अंजनी कुमार किरोडीवाल ने मिट्टी की थाली, कटोरी, ग्लास, चम्मच आदि बर्तन भेंट किए थे। पाटोत्सव कार्यक्रम के दौरान संतों ने उन्हीं मिटटी के र्बतनों में प्रसादी ग्रहण की। संतों ने मिट्टी के बर्तनों में प्रसादी ग्रहण कर लोगों को स्वास्थ्य व पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। प्रसादी के बाद प्रहलाददास महाराज ने दक्षिणा भेंटकर संत महात्माओं को विदाई दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं में मंदिर में दर्शन के बाद संतों के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
सामुहिक विवाह सम्मेलन में 8 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे
त्रिवेणीधाम में ही श्रीयादे माता प्रजापति विकास समिति के तत्वावधान में खोजीद्वाराचार्य संत रामरिछपालदास महाराज व श्रीयादे माता मंदिर के महंत प्रहलाददास महाराज के सान्निध्य में समाज का सामुहिक विवाह सम्मेलन भी आयोजित हुआ। जिसमें सैंकड़ों समाजबंधुओं की मौजूदगी में समाज के 8 जोड़े एक-दूसरे के परिणय सूत्र में बंधकर एक दूसरे के हमसफर बने।
इस दौरान सुबह गुर्जर धर्मशाला में बारात आने के बाद सियाणा की रस्म निभाई गई। इसके बाद बारिश की फुहारों के बीच दूल्हों को घोड़ी पर बिठाकर बैंडबाजे के साथ धूमधाम से बारात निकाली गई। बारात के यादव धर्मशाला में पहुंचने पर तोरण व वरमाला की रस्म हुई। इसके बाद पंडितों ने रीति रीवाज के साथ सभी आठ जोड़ों का पाणिग्रहण संस्कार कराकर वर वधु को सुखी दाम्पत्य का आशीर्वाद दिया।
Published on:
03 Jul 2022 10:48 pm
बड़ी खबरें
View Allबस्सी
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
