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पुलिस चौकी को चाहिए ‘सुरक्षा घेरा’, 8 पुलिसकर्मियों के जिम्मे तीन दर्जन गांवों की सुरक्षा

तीन दर्जन गांवों की सुरक्षा करने वाली जटवाड़ा पुलिस चौकी का हाल

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बस्सी

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Vinod Sharma

Sep 18, 2018

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पुलिस चौकी को चाहिए 'सुरक्षा घेरा', 8 पुलिसकर्मियों के जिम्मे तीन दर्जन गांवों की सुरक्षा

बांसखोह (जयपुर)। जिले की पुरानी चौकियों में शुमार जटवाड़ा पुलिस चौकी के पास चारदीवारी नहीं है। तीन दर्जन गांवों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली इस चौकी को स्वयं की सुरक्षा की दरकार है। जयपुर-आगरा राजमार्ग स्थित इस चौकी के पास ना तो पर्याप्त स्टाफ है और ना ही मौजूदा स्टाफ के पास पर्याप्त संसाधन। चौकी के जिम्मे 25 किलोमीटर का दायरा ह। वर्तमान भवन में चौकी को वर्ष 2000 में स्थानांतरित किया गया था। तब से लेकर अभी तक यहां चारदीवारी नहीं बन सकी। 1930 से पूर्व की बनी इस चौकी के 2016 में थाने में क्रमोन्नत होने की संभावना बनी थी। पुलिस के उच्चाधिकारी इसके लिए प्रक्रियाओं को अमलीजामा पहनाना भी शुरू कर दिया था, लेकिन अभी तक इसे क्रमोन्नत नहीं किया गया।

चौकी के पुराने भवन का नहीं हो रहा उपयोग
इस चौकी का पुराना भवन जटवाड़ा रेलवे स्टेशन के पास बना हुआ है। पहले जटवाड़ा के आसपास की बस्तियों में चोरी की घटनाएं अधिक होती थी। इसे देखते हुए यहां चौकी स्थापित की गई थी, 15 बिस्वा में बनी इस चौकी में कार्यालय, बैरक, रसोईघर बनाया गया, जो अब खंडर हो गया है। विभाग इस पुराने भवन में सुरक्षाकर्मियों के रहने के लिए आवासीय क्र्वाटर बना दे, तो इसका सदुपयोग हो सकता है।

कमरे तो हैं, लेकिन चारदीवारी नहीं
चौकी में कमरे तो हैं, लेकिन कमरों को चारदीवारी नसीब नहीं है। जयपुर-आगरा राजमार्ग पर जिले के अंतिम छोर पर बनी पुलिस चौकी वर्षों से चारदीवारी को तरस रही है। 2 बीघा 10 बिस्वा में बनी इस पुलिस चौकी का भवन नया है। चौकी परिसर की सुरक्षा के लिए तारबंदी और कांटे की बाड़ लगाई हुई है। फिर भी चौकी परिसर मेें आवारा जानवर घुस आते हैं। इससे यहां गंदगी फैलती है। साथ ही सुंदरता भी खराब होती है। इतना ही नहीं चौकी परिसर में जब्त या दुर्घटनाग्रस्त वाहन भी खुले में पड़े रहते हैं।

दायरा बढ़ा, लेकिन स्टाफ कम रह गया
पुलिस चौकी के जिम्मे बांसखोह, जटवाड़ा, बड़वा, टहटड़ा, हंसमहल, पड़ासौली, धामस्या जैसे बड़े गांवों की सुरक्षा है। जयपुर-आगरा राजमार्ग पर आए दिन होने वाली घटना-दुर्घटनाओं पर मौके पर पहुंचना, राजमार्ग पर वीआईपी सुरक्षा, रात्रि गश्त, प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नईनाथ धाम पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, नोटिस तामील जैसे काम भी इसी चौकी के अधीन हैं। इन कार्यों के लिए चौकी पर 8 सुरक्षाकर्मी ही तैनात हैं, जबकि यहां 13 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में एक हैड कांस्टेबल, 5 कांस्टेबल, 2 चालक कार्यरत हैं। 5 कांस्टेबल के पद रिक्त हैं।

खटारा जीप के भरोसे सुरक्षा की जिम्मेदारी
पुलिस चौकी के स्टाफ पर पहले मोटरसाइकिल से ही तीन दर्जन गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। फिर विभाग ने कुछ वर्ष पहले एक पुरानी जीप पुलिस चौकी को सौंपी। यह पुरानी खटारा जीप भी आए दिन खराब होती रहती है। कई बार आकस्मिक घटनाओं के समय जीप बंद हो जाती है या फिर स्टार्ट ही नहीं होती। चौकी पर दो चालक हैं। वाहन नहीं होने से उनका पूरी तरह उपयोग भी नहीं हो पा रहा।

इनका कहना है
पुलिस चौकी पर बेसिक फोन तक नहीं है। आवास के लिए कमरों की समस्या भी झेलनी पड़ रही है। चारदीवारी नहीं होना बड़ी समस्या है। चौकी के अधीन आने वाला क्षेत्र काफी बड़ा है। वाहन और स्टाफ की समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।
किशोरकुमार, प्रभारी, जटवाड़ा पुलिस चौकी

जटवाड़ा चौकी पर चारदीवारी बहुत जरूरी है। संभव हो सका तो जनसहयोग से ही यहां चारदीवारी का निर्माण करवा दिया जाएगा। चौकी के क्षेत्र को देखते हुए स्टाफ बढ़ाने का प्रयास करेंगे। पुलिस वाहन के लिए आयुक्तालय को पत्र भेजा जाएगा।
मनस्वी चौधरी, सहायक पुलिस आयुक्त, बस्सी