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राजस्थान में यहां बिछ गई ओलों की चादर, फूट पड़ी किसानों की रूलाई

Rain In Rajasthan: दक्षिणी - पश्चिमी विछोभ सक्रिय होने से शुक्रवार को जयपुर जिले मौसम का मिजाज बदलने से एक बार फिर शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे विराटनगर उपखंड क्षेत्र के कई इलाकों में आधे घंटे तक ओलावृष्टि हुई।

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Rain In Rajasthan: दक्षिणी – पश्चिमी विछोभ सक्रिय होने से शुक्रवार को जयपुर जिले मौसम का मिजाज बदलने से एक बार फिर शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे विराटनगर उपखंड क्षेत्र के कई इलाकों में आधे घंटे तक ओलावृष्टि हुई। खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। जिससे किसानों के अच्छी पैदावार की उम्मीदों पर पानी फिर गया। आसमान से बरसती आफत से किसानों की रूलाई फूट पड़ी। ओलावृष्टि से फसलें तबाह हो गई।

जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 2 बजे अचानक मौसम बदने से तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई और अचानक से एकसाथ बेर के आकार के ओले गिरने से शुरू हो गई। ग्राम पंचायत सोटाना ,कुहाड़ा के आधा दर्जन गांवों से ज्यादा गांवों में करीब आधा घंटे तक ओलावृष्टि होती रही। जिससे खेत खलिहानों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से सब्जी की फसलें तहस नहस हो गई। गेहूं की फसलें भी खेतों में पसर गई। गेहूं की बालियां ओलों की मार से फूट गई।

किसानों ने बताया कि पहले तो पाला पडऩे से किसानों की सब्जी व सरसों की फसल खराब हो गई और अब शेष रही जौ, गेंहू व सब्जी की फसलों को ओलावृष्टि ने तबाह कर दिया। किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गया। सरपंच सुशीला शर्मा,राजेंद्र मीना ने सरकार को ओलावृष्टि से हुए नुकसान की तुरंत गिरदावरी करवाकर मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने बताया कि अभी तक पाले केकारण हुई सरसों के खराबे का भी मुआवजा देने की कोई सुध नहीं ली जा रही है। गौरतलब है कि उपखंड क्षेत्र में मार्च महीने के दौरान ही पूर्व में तीन बार ओलावृष्टि हो चुकी है।