
सदियों से एक पक्षी मानसून की करता है भविष्यवाणी, अंडों से पता चलता है बारिश कितनी होगी
जयपुर। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सदियों से टिटहरी ऐसा पक्षी है जो किसानों को यह बताता आ रहा है कि इस बार मानसून कैसा रहेगा। वह आधुनिक युग में किसानों को जानकारी उपलब्ध कराता है कि इस बार बारिश कैसी होगी। इसके आधार पर किसान खेती की तैयारी में जुट जाता है। टिटहरी खेतों में अपने अंडों के माध्यम से बारिश की सटीक भविष्यवाणी करती है। इसके अंडों की संख्या और उनकी स्थिति से पता लगाया जा सकता है कि बारिश कितने माह और किस तरह होगी।
टीले पर अंडे तो बारिश ज्यादा
लोगों का कहना है कि यदि टिटहरी ऊंचे स्थान पर अंडे रखती है तो बारिश तेज होती है। यदि टिटहरी निचले स्थान पर अंडे देती है तो उस साल कम बारिश होती है। यदि तीन अंडे हो तो 3 माह और 4 हो तो 4 माह बारिश का अनुमान लगाया जाता है। यदि टिटहरी के अंडों का मुंह जमीन की ओर होने पर मूसलाधार बारिश, समतल स्थान पर रखे होने पर औसत बारिश और किसी गड्ढे में अंडे दिए जाने पर सूखा पड़ने का अनुमान लगाया जाता है।
समय से पूर्व अंडे दे तो पहले बारिश का अनुमान
टिटहरी अप्रेल से जून के बीच 4 से 6 तक अंडे देती है। यदि यह जल्द अंडे दे तो इसे समय पूर्व मानसून का संकेत माना जाता है। ऐसे में जयपुर के सिरसी रोड सहित बेगस, मूण्डियारामसर, भांकरोटा, धानक्या, सिंवार, बिंदायका, निमेड़ा सहित आस पास के गांवों में टिटहरी ने अधिकांश जगह खेत में और कई जगह समतल जमीन पर उंचाई पर अंडे दिए है।
18 से 20 दिन में अंडे से निकलते है बच्चे
जानकारी अनुसार अलग-अलग जगहों पर टिटहरी के चार अंडे देखे गए हैं जिससे चार माह अच्छी बारिश का अंदाजा लगाया जा रहा है। सामान्य तौर पर टिटहरी के अंडों से 18 से 20 दिन के अंदर बच्चे निकल आते हैं। नर व मादा टिटहरी मिलकर दिन रात अंडों की रक्षा करते हैं।
बेहद चौकन्ना पक्षी
टिटहरी बेहद चौकन्ना पक्षी है जो अपने पास आने वाले किसी भी जीव जंतु, मनुष्य को देखकर तीखा शोर करते हैं। इनकी उम्र करीब 6-15 साल मानी गई है। इनकी आंखें व चोंच का हिस्सा लाल होता है।
Published on:
06 Jun 2018 06:06 pm
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