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रामसागर बांध का पानी खेतों को बना रहा है बंजर, तो मकानों में आ रही है सीलन

द्रव्यवती नदी का आता है बांध में पानी

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शिवदासपुरा ञ्च पत्रिका. राजधानी से करीब 25 किलोमीटर दूर रियासत कालीन चन्दलाई के रामसागर बांध में द्रव्यवती नदी के नदी के पानी की लगाताररआवक हाने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बांध से पानी का रिसाव होने से आसपास के खेत बंजर होते जा रहे हैं, वहीं मकानों में भी दरारें व सीलन आने से मकान कमजोर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बांध के पानी की निकासी के लिए प्रशासन को कई बार अवगत करवा भी दिया, लेकिन प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।

पानी निकासी के लिए बांध पर है दो मोरी
चंदलाई के रामसागर बांध में पानी की निकासी के लिए दो मोरिया भी बनी हुई है, लेकिन इन मोरियों से पानी की निकासी पर्याप्त नहीं की जाती है। बांध में पानी कावल ज्यादा होने के कारण पानी भरा रहता है। हालांकि जल संशाधन विभाग पानी निकासी के लिए मोरियों को कुछ समय के लिए खोलता है, लेकिन फिर बंद कर देता है। इस बांध में हमेशा पानी की आवक होती है, तो पानी को हमेशा ही खोला जाना चाहिए, ताकि इससे हमेशा ही किसानों को फायदा मिल सके।

रिसाव से होने लगी जमीन बंजर
बांध में वर्ष भर पानी भरा रहने के कारण पाल से पानी का रिसाव हमेशा ही होता रहता है। यह पानी खेतों में जाता रहता है, इससे जमीन में उसर जम जाती है और खेतों की मिट्टी खराब हो जाती है। जमीन धीरे-धीरे अब बंजर होने लगी है। इन खेतों में पैदावार बिल्कुल कम होने लग गई है। जमीन में लवणीय तत्वों के ऊपर आने के कारण जमीन बंजर हो रही है।

एक हजार बीघा खातेदारी में भरा रहता है पानी
बांध के अंदर लगभग 1000 बीघा खातेदारी जमीन किसानों की है। इसमें पानी भरा रहने के कारण पैदावार नहीं हो रही है। इससे किसान काफी परेशान है। पानी की निकासी के लिए पिछले दिनों भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया एवं तितरिया ग्राम पंचायत, सिमलिया ग्राम पंचायत, चंदलाई ग्राम पंचायत की ओर से पत्र लिखकर विभाग को कई बार दिया गया, लेकिन विभाग की ओर से एक नहीं सुनी गई और बांध लगातार भरा रहता है ।

मकानों में भी आने लगी धीरे दरारे
बांध में वर्ष भर पानी भरा रहने के कारण ग्रामीणों के मकान भी सीलन के कारण खराब हो रहे हैं। सीलन के साथ-साथ अब मकानों में दरारें भी आने लगी है। कई मकानों की हालत तो गिरने की ही हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नया मकान बनाने के बाद भी वह कुछ दिनों में ही कॉलर लग कर जर्जर होने लगता हैं।

वर्जन…
इनका कहना है…
पानी भरा रहने के कारण जमीनों में सैम (ऊसर) की समस्या तो बनी रहती है। पानी ट्रिटमेंट प्लांट से फिल्टर होने के बाद आए तो ये समस्या नहीं रहेगी।
– अनुराधा चौधरी, सहायक अभियंता जल संसाधन विभाग चाकसू।

फैक्ट फाइल
– बांध की भराव क्षमता- 10 फीट
– वर्ष 2000 से पहले खाली हो रहता था
– वर्ष 2001 के बाद लगातार भर रहा है।
– वर्ष 2016 के बाद हमेशा चादर चली है।
– बांध में मछली उत्पादन होता है।