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शौर्य पदक से सम्मानित शहीद मुकेश कुमार की पुण्यतिथि पर निकाली तिरंगा रैली

युवाओं ने देशभक्ति के जयकारों से भरा जोश शहीद के परिजनों का किया सम्मान नक्सलियों से लोहा लेते वक्त शहीद हुए थे मुकेश कुमार

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शौर्य पदक से सम्मानित शहीद मुकेश कुमार की पुण्यतिथि पर निकाली तिरंगा रैली

शौर्य पदक से सम्मानित शहीद मुकेश कुमार की पुण्यतिथि पर निकाली तिरंगा रैली


मुकेश कुमार ने 4 गोलियां लगने पर भी चार नक्सलियों को का दिया था ढेर

शाहपुरा। देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शाहपुरा के ग्राम रामपुरा निवासी कोबरा बटालियन के शौर्य पदक से सम्मानित शहीद मुकेश कुमार बुनकर की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को तिरंगा रैली निकाली गई। इस दौरान हाथों में तिरंगा लिए युवाओं के वंदे मातरम, हिन्दुस्तान जिंदाबाद, देश के शहीद अमर रहे आदि जयकारों से लोगों में देशभक्ति का जोश भर दिया।

सीआरपीएफ जयपुर के असिस्टेंट कमांडेंट भुनेश्वर, सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह मीणा, इंस्पेक्टर सीताराम, भाजपा नेता महेश हलसर, थाने के पुलिसकर्मियों, शहीद के पिता रामसहाय बुनकर सहित अन्य अतिथियों व परिजनों ने रामपुरा में शहीद मुकेश कुमार के स्मारक स्थल पर

पुष्पांजलि अर्पित कर नमन करने के बाद तिरंगा रैली को रवाना किया गया। तिरंगा रैली रामपुरा से रवाना होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई शाहपुरा पहुंची। तिरंगा रैली में आगे बाइक सवार युवा और पीछे बड़ी संख्या में पैदल लोग शामिल थे।

शहीदों का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य
रामपुरा में कार्यक्रम के दौरान सीआरपीएफ जयपुर के असिस्टेंट कमांडेंट भुनेश्वर, सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह, भाजपा नेता हलसर ने कहा कि देश की आन, बान और शान के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले देश के शहीदों का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का प्रथम कर्तव्य है। शहीदों की शहादत को नमन एक दिन नहीं बल्कि प्रत्येक दिन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामपुरा में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी युवाओं ने शहीद की शहादत में इस तरह का कार्यक्रम किया हे। यह सराहनीय है।

परिजनों और अतिथियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया
तिरंगा रैली से पहले शहीद मुकेश कुमार बुनकर के शहीद स्मारक पर शहीद के पिता रामसहाय बुनकर, शहीद की वीरांगना पत्नी बीना देवी, पुत्र ब्रजेश, मां कमला देवी, भाई विकास जेवरिया, पुत्री मोनिका, इशिका, हंसादेवी, सीता देवी, निकिता जेवरिया व अतिथियों ने शहीद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित श्रद्धांजलि दी। यहां शहीद के परिजनों को माला व साफा पहनाकर सम्मानित भी किया गया।

शहीद के पिता ने कहा कि क्षेत्र में तिरंगा रैली निकाल कर युवा लोगों के अंदर देशभक्ति की अलख जगाने की कोशिश कर रहे है, जो सराहनीय कदम है। शहीदों के बलिदान से देश को आजादी और सुरक्षा मिली है। सीमा पर तैनात वीर जवानों के त्याग और बलिदान के कारण ही हम अपने घरों में शांति और सुरक्षा से रह रहे है। कार्यक्रम संचालन सामाजिक कार्यकर्ता पूरणमल बुनकर ने किया।

तिरंगा रैली पर जगह-जगह पुष्प वर्षा की
तिरंगा रैली रामपुरा से रवाना होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए शाहपुरा पहुंची। शाहपुरा में विभिन्न स्थानों पर शहर वासियों ने पुष्प वर्षा कर पुष्पाजंलि अर्पित की। तिरंगा रैली वापस रामपुरा में शहीद स्मारक पर जाकर सम्पन्न हुई। रैली में शािमल युवाओं ने वंदे मातरम, हिंदुस्तान जिंदाबाद, देश के अमर शहीदों की जय आदि देशभक्ति जयकारे लगाए।


नक्सलियों से लोहा लेते वक्त शहीद हुए थे मुकेश कुमार
रामपुरा निवासी शहीद मुकेश कुमार बुनकर का 2007 में सीआरपीएफ में चयन हुआ था। वर्ष 2009 में अरुणाचल प्रदेश में चुनावी ड्यूटी के दौरान बूथ केंद्र पर नक्सलियों ने हमला कर पेटियां ले जाने का प्रयास किया। इस पर शहीद मुकेश कुमार ने अपने साथियों के साथ नक्सलियों के छक्के छुड़ा दिए। उनकी जाबांजी को देखते हुए सीधा कोबरा बटालियन में चयन कर लिया गया। वर्ष 2012 में झारखंड के रांची में डयूटी के दौरान 50 नक्सलियों ने बटालियन पर हमला कर दिया। जहां नक्सलियों से मुठभेड़ में मुकेश कुमार के 4 गोलियां लगी, फिर भी उसने चार नक्सलियों को मार गिराया।

घायल मुकेश कुमार दिल्ली में उपचार के दौरान 8 दिन बाद 24 सितंबर 2012 को अमर हो गए। इसके बाद शहीद की पत्नी वीरांगना बीना देवी को 9 अप्रैल 2015 को दिल्ली में आयोजित शौर्य दिवस पर तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मरणोपरांत शौर्य वीरता मेडल से सम्मानित किया था।