जयपुर ग्रामीण के शाहपुरा में त्रिवेणीधाम में ब्रह्मलीन पद्मश्री नारायणदास महाराज के आशीर्वाद व खोजीद्वाराचार्य रामरिछपालदास के सान्निध्य में रविवार को 9 दिवसीय 108 कुण्डात्मक सीताराम महायज्ञ शुरू हुआ। महायज्ञ के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। त्रिवेणी नदी में पूजा अर्चना के बाद बैंडबाजे के साथ 551 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा त्रिवेणीधाम के परिक्रमा करते हुए गणेश मंदिर होते हुए यज्ञ मंडप में पहुंची और यज्ञ मंडप में प्रवेश किया। कुण्डों पर 321 यजमान आहुति देंगे। करीब 400 से अधिक पंडित पूजा अर्चना करवाएंगे।
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विन्टेज कार को बनाया बग्गी….
शंकर यादव, मुकेश यादव, सुभाष पोषवाल ने बताया कि कलश यात्रा के दौरान जयपुर से आई विन्टेज कार को दुल्हन की तरह से सजाकर बग्गी बनाई गई। जिसमें खोजीद्वाराचार्य रामरिछपालदास व धन्नापीठाधीश्वर बजरंग देवाचार्य, बनारसीदास सवार होकर कलश यात्रा के साथ चले। कलश यात्रा पर बरसाने के लिए 5 क्विंटल पुष्प बरसाए। जिनकी कार्यकर्ताओं ने खोलकर पंखुडी बनाकर तैयार किया गया। कलश यात्रा शुरू होने पर भक्तों ने झोली में डालकर पुष्पवर्षा करते रहे। रामलीला भवन में श्रीरामकृष्ण कला अनुकरण संस्थान वृंदावन के कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन शुरू किया गया।
दो पारी में लगेगी आहुतियां….
उमेश त्रिवेदी, शंकर यादव, महेश शर्मा, खेमचंद त्रिवेदी ने बताया कि महायज्ञ प्रतिदिन सुबह सुबह 8 से 11 बजे तक एवं अपरान्ह 3 से शाम 6 बजे तक दो पारी में चलेगा। महायज्ञ के दौरान सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा। शाम 7 बजे से रामलीला का मंचन होगा।
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नौ दिन चलेगा भंडारा….
रामेश्वर ताखर, मुकेश सूद, हनुमान सैनी, नाथूलाल शर्मा ने बताया कि महायज्ञ के दौरान पूरे 9 दिन तक भंडारा चलेगा। भंडारा प्रसादी को लेकर दो पांडाल बनाए है। एक पांडाल में आमजन और डोम लगाकर बनाए भोजन पांडाल में संत महात्मा, पंडित, यजमान आदि के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की है। भोजन प्रसादी के लिए 32 भटि्टयों पर 400 हलवाईयों की टीम जुटी हुई है। जिसमें 100 हलवाईयों की टीम तो केवल लड्डू बनाने में ही लगी है। रोटी बनाने के लिए चार ऑटोमेटिक मशीनें लगाई है। आलू छीलने के लिए भी तीन मशीनें लगाई है।