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जमवारामगढ़ (बस्सी) @ पत्रिका. जयपुर ग्रामीण जिले के जमवारामगढ़ बांध में पानी सूखे दो दशक हो चुके हैं। बांध सूखने के बावजूद यहां हर वर्ष हजारों पर्यटक इसे देखने आते हैं और जल संसाधन विभाग हर वर्ष जंगल सफाई के नाम पर बांध की मरम्मत एवं साफ सफाई करवाता है, लेकिन इस बार जिम्मेदारों ने मुंह मोड़ लिया है और इसकी मरम्मत पर भी संशय के बादल मंडरा रहे हैं। बांध सूखने के साथ ही यहां का बस स्टैंड भी बदहाल हो गया। यहां पहाड की तलहटी में स्थित विशाल वट वृक्ष सूखकर जमींदोज हो गया है। स्थानीय प्रशासन, जयपुर विकास प्राधिकरण, सार्वजनिक निर्माण विभाग, ग्राम पंचायत, वन विभाग व बांध की देखरेख करने वाले जल संसाधन विभाग ने सूखे पेड़ की विशाल टहनियों को बस स्टैंड से हटाने तक की जहमत नहीं उठाई। जिससे यहां हादसों का डर सताता रहता है।
इस विशाल वृक्ष को सूखे पांच वर्ष हो गए हैं लेकिन इसे हटाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। विशाल टहनियों के पडे रहने से रामगढ़ बांध बस स्टैंड पर खडे रहने की जगह नहीं है। यात्री शेल्टर तक नहीं है। पीने का पानी भी नसीब नहीं है। बांध सूखने के बावजूद यहां हर वर्ष हजारों पर्यटक आते हैं। जल संसाधन विभाग हर वर्ष जंगल सफाई के नाम पर बांध की मरम्मत एवं साफ सफाई कराता है, लेकिन इस वर्ष जल संसाधन विभाग जंगल सफाई से मना कर रहा है।
बांध की पाल भी बदहाल
रामगढ़ बांध की पाल भी बदहाल हो चुकी है। जल संसाधन विभाग बांध की पाल की सुरक्षा करने में नाकाम रहा है। पाल के पत्थरों को भी लोग उखाड ले गए हैं। वहीं रामगढ़ बांध से लेकर बांध की पाल व खेलगांव होकर गुजरने वाली पाल रोड दो दशक से बदहाल है। खेलगांव से लेकर रायसर सड़क मार्ग तक तो डामर गायब हो चुकी है। शेष में गड्ढे बचे हैं।
इनका कहना है
इस वर्ष बांध की मरम्मत एवं साफ सफाई की व्यवस्था नहीं की गई है। विभाग को प्रस्ताव बनाकर भिजवाया जाएगा।
– अनिल थालोड़, अधिशासी अभियंता जल संसाधन विभाग जयपुर
जमवारामगढ़.