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एक – एक बैड पर दो – दो मरीज

- मौसमी बीमारियों की मार घर - घर लोग बीमार

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बस्सी ञ्च पत्रिका. उपजिला अस्पताल का हाल बेहाल है। ना अस्पाताल में पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ और ना ही मरीजों के लिए बैठ है। राजस्थान पत्रिका टीम ने बुधवार को लाइव कवरेज किया तो वहां के हालात खराब मिले।


उपजिला अस्पताल में जहां देखों वहां पर व्यवस्था खराब नजर आ रही थी। वार्ड में बैड कम होने से महिला अधिकांश बैडों पर दो – दो मरीजों को लिटा कर इलाज किया जा रहा था। वहीं कई मरीज ऐसे थे, जिनको भर्ती कर इलाज करना चाहिए था, लेकिन बैडों की संख्यां कम होने के कारण बिना भर्ती किए ही लौटाए जा रहे थे। इधर अस्पताल प्रशासन का कहना है उनके पास बैड तो और भी खाली है, लेकिन उन पर भर्ती मरीजों को सम्भालने के लिए नर्सिंग स्टाफ तो होना चाहिए।

सामान्य वार्ड की स्थिति
उपजिला अस्पताल में सामान्य वार्ड में केवल 18 बैड हैं। जबकि उपजिला अस्पताल का औसतन 2 हजार आउटडोर है। इधर मौसमी बीमारियां चल रही है। डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप अधिक चल रहा है। ऐसे में यहां आने वाले अधिकांश मरीजों को भर्ती करने के लिए बैडों की संख्या भी बहुत कम है।

मात्र दो कमरों में 18 बैड रख रखे हैं। इनमें से अधिकांश बैडों पर दो – दो मरीजों को भर्ती कर रखा था। हालत यह थी यदि मरीज को नींद आ जाए तो और वह करवट ले तो सीधा फर्श पर गिरे। ऐसे में मरीजों के परिजन भी यह ध्यान रख रहे थे कि कहीं मरीज गिर ना जाए। इसी प्रकार जननी वार्ड के भी कमोबेश यही हालात थे।