बस्सी ञ्च पत्रिका. जयपुर ग्रामीण इलाके में पड़ रही कड़ाके की सर्दी एवं पाले की मार सर्वाधिक सब्जी पर पड़ रही है। एक ही सप्ताह में सब्जियों के भाव दो गुने हो गए हैं। पाले से जहां पर किसानों की सब्जी की फसल बर्बाद हुई है, वहीं इससे बढ़ी महंगाई से रसोई का बजट भी गड़बड़ा गया गया है। एक ही सप्ताह में सब्जियों के भाव दो गुने हो गए हैं। सब्जियों में 50 फीसदी तक नुकसान हो गया है। टमाटर, मिर्च, बैंग व मटर की फसल बर्बाद हो रही है। बेलदार सब्जियां को सब्जी की दुकानों से गायब ही है। यही कारण है कि सब्जियों के भाव में कई सब्ज्यिों के भाव 100 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ गए हैं।
यह सब्जियों के थोक भाव की स्थिति
जानकारी के अनुसार जहां पर मिर्ची जहां एक सप्ताह पहले टमाटर मण्डी में थोक में 25 रुपए किलो बिक रही थी मंगलवार को 55 रुपए किलो बिकी। इसी प्रकार बैंगन 10 रुपए से बढ़ कर 25 पहुंच गया। गाजर 8 रुपए से 15 रुपए किलो, मटर 20 रुपए से 35 रुपए, खीरा 20 से 35 रुपए किलो, गोभी 8 से 15 रुपए, कच्ची हल्दी 30 से 45 रुपए, टिण्डा 15 रुपए से 20, पत्ता गोभी 8 रुपए से 15 रुपए, धनिया 25 से 80 रुपए, शिमला मिर्च 30 से 60, मूली 5 से 12 व 5 रुपए से टमाटर10 रुपए किलो हो गए हैं।
यह है फुटकर भाव
सब्जियों के थोक के भाव बढऩे से खेरोज के भाव भी आसमान छू गए हैं। सब्जी मण्डी के आगे सब्जी की दुकान चलाने वाले कान्हाराम ने बताया कि वर्तमान में हरी मिर्च 80 रुपए किलो, बैंगन 40, गाजर 30, मटर 40, गोभी 30, हल्दी 60, टिण्डा 40, पत्ता गोभी 30, धनिया 120, शिमला मिर्च 80, मूली 30 व टमाटर 20 रुपए किलो बिक रहे हंै।
थोड़ा असर मलमास हटने का भी है
हालांकि सब्ज्यिों के भाव बढऩे के पीछे न केवल अकेली सर्दी का असर है, बल्कि मकर संकांति पर मलमास हटने के बाद शादी विवाह के कार्यक्रम भी शुरु हो गए हैं, ऐसे में सब्जियों की मांग बढ़ गई है, इससे भी कुछ हद तक महंगाई बढ़ी है।