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बस्तर के 44 हजार किसान नहीं बेच पाए धान, विधानसभा में गूंजा मुद्दा, विपक्ष ने सरकार को घेरा…

CG Assembly Budget Session: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के 44 हजार से अधिक पंजीकृत किसानों का धान नहीं खरीदे जाने का मुद्दा सोमवार को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठा।

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बस्तर के 44 हजार किसान नहीं बेच पाए धान, विधानसभा में गूंजा मुद्दा, विपक्ष ने सरकार को घेरा...(photo-patrika)

बस्तर के 44 हजार किसान नहीं बेच पाए धान, विधानसभा में गूंजा मुद्दा, विपक्ष ने सरकार को घेरा...(photo-patrika)

CG Assembly Budget Session: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के 44 हजार से अधिक पंजीकृत किसानों का धान नहीं खरीदे जाने का मुद्दा सोमवार को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठा। बजट सत्र के छठवें दिन कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल और कोंटा विधायक कवासी लखमा ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में किसानों का धान खरीदी केंद्रों पर नहीं खरीदा गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सदस्यों ने सरकार से पूछा कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में किसानों से धान खरीदी क्यों नहीं हो पाई। इस पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि जिन किसान खरीदी केंद्रों तक धान बेचने नहीं पहुंचे, उनका धान नहीं खरीदा गया।

CG Assembly Budget Session: कांग्रेस शासनकाल से ज्यादा धान खरीदी का दावा

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि बस्तर में इस बार कांग्रेस शासनकाल की तुलना में ज्यादा धान खरीदी हुई है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल उठाते हुए पूछा कि कितने किसानों का रकबा समर्पण कराया गया है। मंत्री ने जवाब में कहा कि यह मूल प्रश्न का हिस्सा नहीं है, इसलिए इसकी जानकारी अलग से दी जाएगी।

खरीदी की तिथि बढ़ाने का भी दिया गया मौका

खाद्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 15 नवंबर से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी की गई थी। किसानों की मांग को देखते हुए सरकार ने खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई और जिन किसानों का धान नहीं बिक पाया था, उनके सत्यापन के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर 5 और 6 फरवरी को भी खरीदी की गई।

पड़ोसी राज्यों में धान बेचने को मजबूर किसान

कोंटा विधायक कवासी लखमा ने आरोप लगाया कि 32 हजार से अधिक किसानों के टोकन कटने के बावजूद उनका धान नहीं खरीदा गया। उन्होंने कहा कि इससे करीब 206 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है और कई किसान मजबूरी में अपना धान ओडिशा और आंध्र प्रदेश में कम कीमत पर बेचने को विवश हुए।

कर्जमाफी को लेकर भी हुई बहस

धान खरीदी के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के बीच तीखी बहस भी हुई। भूपेश बघेल ने सवाल किया कि जिन किसानों का धान नहीं खरीदा गया, क्या अब उनका धान खरीदा जाएगा और क्या उनका कर्ज माफ किया जाएगा।

इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में भी कई पंजीकृत किसान धान नहीं बेच पाए थे और तब भी समय-सीमा खत्म होने के बाद खरीदी नहीं की गई थी। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।