‘मैं अब इस दुनिया में नहीं रह सकता, भैया माफ करना…
मैं इस दुनिया में नहीं रह सकता, भैया मुझे माफ कर देना..। मोबाइल से यह
मैसेज भेजने के बाद पथरागुड़ा निवासी दीपक जेना इंद्रावती नदी में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी।
मैं इस दुनिया में नहीं रह सकता, भैया मुझे माफ कर देना...। मोबाइल से यह मैसेज भेजने के बाद पथरागुड़ा निवासी दीपक जेना (27) ने रविवार की रात करीब 8 बजे इंद्रावती नदी में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी।
गोताखारों की मदद से उसके शव को निकाला गया
सोमवार की सुबह करीब 10 बजे गोताखारों की मदद से उसके शव को निकाला गया, जिसे मेकॉज में पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया गया।
सदस्यों से किसी बात को लेकर विवाद
पुलिस के मुताबिक रविवार की शाम दीपक अपने परिजनों के साथ घर पर था। इस दौरान घर के सदस्यों से किसी बात को लेकर विवाद होने पर वह शाम 6 से 7 बजे के बीच घर से निकल गया।
परिजन उसकी तलाश में पूरा शहर छान मारा
रात करीब 8 बजे उसने अपने भाई रोशन के मोबाइल पर मैसेज किया, जिसमें उसने लिखा ' मै इस दुनिया में नहीं रह सकता, माफ करना मुझे'। मैसेज भेजने के बाद दीपक ने दोबारा फोन नहीं उठाया। परिजन उसकी तलाश में पूरा शहर छान मारा।
कोतवाली थाना पहुंचकर दीपक के बारे में दी जानकारी
इसके बाद रात साढ़े 8 बजे दीपक के भाई नया इंद्रावती पुल पहुंचे तो वहां दीपक की बाइक पड़ी मिली। परेशान परिजनों ने पुलिया के आसपास उसे आवाज लगाकर खोजने लगे। इसके बावजूद जब उसकी कोई खबर नहीं मिली, जिसके बाद परिजन कोतवाली थाना पहुंचकर दीपक के बारे में जानकारी दी।
पुलिस रात साढ़े 10 बजे इंद्रावती पुल पहुंची और गोताखोरों की सहायता से उसे ढूंढने का प्रयास किया। रात में अंधेरा होने के कारण उसका कोई पता नहीं चल सका। दूसरे दिन पुलिस ने फिर गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की।
शव देख बिलख पड़े परिजन
करीब दो घण्टे के बाद करीब 10 बजे दीपक का शव मिला। शव को देखते ही तीन भाइयों सहित परिजन बिलख पड़े। दीपक अपने माता-पिता का तीसरी संतान था। उसके तीन भाई संजू, रोशन और किरण हैं।
सरकारी नौकरी के लिए कर रहा था प्रयास
परिजन ने बताया दीपक जेना सीआरपीएफ में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था जिसके लिए उसने दरभा डिवीजन में भी आवेदन किया था। वह सरकारी नौकरी के लिए प्रयास कर रहा था। वह चपरासी की नौकरी तक करने के लिए तैयार था।