गौरतलब है कि ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रतिबंध लगाने के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिए थे। जिसका पालन दो से तीन माह किया गया, लेकिन एस साल से यह सिलसिला फिर से जारी है। पर्यावरण विभाग ने समय-समय पर नगर निगम सहित दुकानदारों पर पॉलीथिन पर खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने की कार्रवाई की लेकिन लगातार निगरानी नहीं किए जाने से प्रतिबंधित स्थायी नहीं हो पाया।