
बस्तर का कांगेर वैली नेशनल पार्क बस्तर मुख्यालय जगदलपुर से महज 25 किलोमीटर की दूरी से शुरू हो जाता है।

इस कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान का नाम कांगेर नदी से पड़ा है। जो कि राष्ट्रीय उद्यान के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक बहती है।

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में बस्तर की जान कहा जाने वाला तीरथगढ़ जलप्रपात भी मौजूद है। जो 3 स्टेप से होकर गिरता है।

घने जंगलों से भरपूर नेशनल पार्क 200 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। जंगली जानवर, विलुप्तप्राय प्रजाति, निवासी पक्षी, प्रवासी पक्षी और अन्य खूबसूरती पाई जाती है।

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में बहने वाले कांगेर नाला 15 किमी दूर कोलेंग के नजदीक शबरी नदी में समाहित हो जाता है।

छत्तीसगढ़ की राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना भी इसी कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाती है। पहाड़ी मैना मनुष्य की आवाज की हूबहू नकल करती है और आवाज निकालती है।