
बहाना बनाकर घरवालों को भेज दिया थाने फिर घर में अकेली लड़की को पाकर किया हमला, फेंके बम चलाई गोली
बस्ती. जिले में एक ऐसी अपराध की घटना सामने आई है, जो आपने शायद ना पहले कभी सुनी होगी ना देखी होगी। दो पक्षों में जमीन को लेकर विवाद होता है। फिर दोनों पक्षों को कागज लेकर थाने पर पहुंचने की बात की जाती है। पर यहीं से कहानी नई मोड़ ले लती है। पहला पक्ष साजिश के तहत थाने नहीं पहुंचता है। जबकि दूसरा पक्ष घर में अकेली लड़की को छोड़ थाने समझौता करने चला जाता है। आरोप है कि, पहला पक्ष थाने ना पहुंचकर साजिश के तहत दूसरे पक्ष के घऱ पर धावा बोल देता है। जिस समय परिवार की बेटी घर में अकेले रहती है। उस पर बम फेंके जाते हैं। गोलीबारी की जाती है। विपक्षियों को लगता है कि, उसने दम तोड़ दिया है औऱ वे वहां से भाग जाते हैं।
दरअसल, रुधौली थाना क्षेत्र के रमवापुर गांव में भूमि विवाद को लेकर युवती पर हमले किया गया। हमले में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे पहले सीएचसी रुधौली में दाखिल कराया गया और बाद में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। युवती के पैर, चेहरे आदि पर चोटें आई हैं। मामले में चार लोगों के विरुद्ध जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
वहीं शाम को फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का जायजा लेकर जांच के लिए नमूने एकत्र किए। रुधौली थाना क्षेत्र के रमवापुर निवासी विनोद कुमार यादव पुत्र बंगाली यादव ने रुधौली पुलिस को तहरीर देकर कहा है कि, वह अपने बड़े पिता दंगाली यादव के मकान का निमार्ण करवा रहे हैं। निर्माण कार्य रोकवाने के लिए विपक्षीगणों ने डायल 100 को फोन किया।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उनसे और विपक्षी अरुण कुमार त्रिपाठी उर्फ बलराम तिपाठी, प्रदीप त्रिपाठी पुत्र राजेंद्र प्रसाद, प्रमोद त्रिपाठी पुत्र गौकरन, सचिदानंद उर्फ भागीरथी पुत्र राम दुलारे से जमीन संबंधी कागज मांगने लगी। कहा कि, दोनों पक्ष अपने अपने कागजात लेकर थाने पर आए। वह और उनके भाई सोमवार को दिन में एक बजे थाने पर जमीन के कागजात लेकर पहुंचे। वहां देखा तो दूसरा पक्ष नहीं आया था। इसी बीच विपक्षी थाने पर न आकर उनके घर पर धावा बोल दिए।
फायरिंग करने के साथ ही बम भी फेंके। हमले में घर पर मौजूद उनकी पुत्री रागिनी को गोली व बम से गंभीर चोटें आई हैं। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित के अनुसार गोली युवती के कान से छू कर निकल गई, जबकि बम से उसके पैर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट लगी है।
उनकी बेटी को मरा समझकर विपक्षी भाग निकले। प्रभारी निरीक्षक केडी सिंह ने बताया कि गोली चलने की घटना संदिग्ध है, घायल युवती के शरीर पर बम से चोट के निशान हैं। ऐसे में बम फटने की घटना सही लगती है। तहरीर के आधार पर आरोपी अरुण कुमार उर्फ बलराम, प्रदीप त्रिपाठी, प्रमोद त्रिपाठी व सच्चिदानंद के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। सुरक्षा की ²ष्टि से पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
input- सतीश श्रीवास्तव
Published on:
16 Jan 2018 12:32 pm
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