
ARRESTED : कोरोना ने शातिर बूटलेगर को पहुंचा दिया पुलिस की गिरफ्त में
बस्ती. स्प्रीट में पानी मिलाकर उससे ब्रांडेड शराब तैयार करना, फिर उसे लोकल मार्केट में ब्रांडेड शराब के नाम पर खपा देना। पढ़ लिखकर ढंग की नौकरी या रोज़गार करने के बजाय अवैध शराब का कारोबार करने लगे। लेकिन चूंकि जुर्म की उम्र कम होती है इसलिये इसका भी काला कारोबार भी ज़्यादा दिन नहीं चला। आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए और पूरे कारोबार का खुलासा हो गया। बस्ती पुलिस ने पूरे गिरोह को धर दबोचा।
पुलिस का दावा है कि उसने मुखबिर की सूचना पर कप्तानगंज थानाक्षेत्र तोलियाडीह तिराहा से गिरोह के सात सदस्यो शुभम, संदेश कुमार, भजमन, अभिनाश कुमार सिंह, विजय कुमार उर्फ गब्बर, बबलू निषाद, जय नारायन को गिरफ्तार किया। उनके पास से 610 लीटर रेक्टीफाइड़ स्प्रीट, 55 लीटर अप मिश्रित शराब, 500 ग्राम यूरिया, नौसादर पदार्थ, दो अदद मोटरसाईकिल बरामद किया गया।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया गया की उनका गैंग डर सुभम उर्फ गब्बर है। गिरोह पंजाब से भारी मात्रा में रेक्टीफाइड़ स्प्रीट लाकर बस्ती ज़िले और जोन के आस-पास के जनपदों में अपने गैंग के सदस्यों के ज़रिये बिक्री कराता था। इनके गैंग के सदस्य भारी मुनाफा बनाने के लिए इसे सरकारी ठेको की दुकानों और ग्रामीण क्षेत्रों में बेचते थे। बताया गया है कि आरोपियों के पास से जो 665 लीटर स्प्रीट मिली है उसकी तीव्रता चूंकि करीब 98% है, इससे पांच गुना अर्थात करीब 4000 लीटर देशी शराब तैयार किया जाता है। जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत 10 लाख रुपये होती है। एसपी हेमराज मीणा ने इस बाबत बताया कि पूछ ताछ के आधार पर इस अवैध व्यापार से सम्बन्धित कई महत्वपूर्ण तथ्य प्रकाश में आये हैं जिसके सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
By Satish Srivastava
Published on:
03 Aug 2020 07:20 pm
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