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IRCTC के सॉफ्टवेयर को हैक कर तत्काल टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग, यूट्यूब चैनल बनाकर दी जा रही थी ट्रेनिंग

हैक करने के बाद उसके लिंक को यू ट्यूब पर रेडबुल और आईबॉल नाम के सॉफ्टवेयर से बेच रहा था

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आईआरसीटीसी

बस्ती. पुलिस ने एक ऐसे टिकट हैकर गैंग को पकड़ा है जो सरकार की आईआरसीटीसी सॉफ्टवेयर को ही हैक कर तत्काल टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग करता था । सॉफ्टवेयर बनवा कर यूट्यूब के जरिये बेचने वाले गिरोह की तलाश काफी दिनों से की जा रही थी, कुछ साल पहले सीबीआई ने भी इस गैंग को पकड़ कर जेल भेजा था।

एसपी हेमराज मीणा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि पिछले काफी दिनों से ई टिकट के विरुद्ध जारी अभियान में विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर के प्रयोग किये जाने की सूचना मिल रही थी, यह गैंग आईआरसीटीसी के सॉफ्टवेयर को हैक करने के बाद उसके लिंक को यू ट्यूब पर रेडबुल तथा आईबॉल नाम के सॉफ्टवेयर से बेच रहा था, इस गैंग में शनि राय, सौरभ राय और मोइनुल हक पकड़े गए है, जबकि मास्टरमाइंड शमशेर आलम और अभय प्रताप अभी भी फरार है।

पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि आईआरसीटीसी के सॉफ्टवेयर को हैक करने वाला गेम स्टेशन रोड पर कार से पहुंचने वाला है, जिसके बाद पुलिस ने तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से लैपटॉप और डेक्सटॉप बरामद कर संबंधित रिकॉर्ड बरामद किया गया l

एसपी ने बताया कि उक्त गिरोह के द्वारा आईआरसीटीसी के ई टिकट बुकिंग के लिये विशेष प्रकार का रेडबुल तथा आईबॉल जैसे सॉफ्टवेयर को बनाकर यूट्यूब पर प्रचार कर लम्बे समय से बेच रहे थे, यूट्यूब चैनल के करीब 3000 सब्सक्राइबर है और करीब 6 लाख व्यूज है। चैनल के माध्यम से सॉफ्टवेयर से आई आर सी टी सी की ई टिकट बनाने और सिखाने सम्बन्धित वीडियो अपलोड किए जाते थे, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों से टिकट एजेंट के द्वारा चैनल में दिये गए मोबाईल नम्बर से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर सॉफ्टवेयर खरीद लेते थे और फिर यह गैंग उन्हें सॉफ्टवेयर आईडी का लिंक भेज कर रुपए वसूलते थे। यह गैंग सॉफ्टवेयर खरीदने वाले लोगों से मासिक किराये पर सॉफ्टवेयर देते थे, पूछताछ पर पता चला कि अभियुक्तगण अभी तक 1000 फर्जी आईआरसीटीसी आईडी खरीद फरोख्त कर चुके हैं, जिसमे से कुल 300 से अधिक आईडी जब्त की गई।

हैकरों ने बताया कि 2 वर्ष में अनुमानित कई करोड़ इस अवैध व्यापार से कमाया है। शमशेर और अभय को सीबीआई ने 2016 में भी इसी मामले में गिरफ्तार के चुकी है लेकिन ये दोनो छुटने के बाद फिर टिकट का अवैध काम शुरू कर दिया।

BY- SATISH SRIVASTAVA