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रेप पीड़िताओं का आरोप, 10 महीने से फरार बलात्कारी बाबा सच्चिदानंद और कोतवाल के बीच होती है बातचीत, मिल रहा संरक्षण

रेप पीड़ित की गिरफ्तारी के लिए धरने पर बैठी पीड़ितायें

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रेप पीड़िताओं का आरोप, 10 महीने से फरार बलात्कारी बाबा सच्चिदानंद और कोतवाल के बीच होती है बातचीत, मिल रहा संरक्षण

बस्ती. सत्संग के बहाने लड़कियों से यौन शोषण करने वाले तथाकथित बाबा सच्चिदानंद को बस्ती पुलिस पकड़ पाने मे पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। जिससे नाराज तीन रेप पीडिताओं ने डीएम आफिस पर न्याय के लिये धरना शुरु कर दिया है। इतना ही नहीं कोतवाल एमपी चतुर्वेदी ने रेप विक्टिम को धरना खत्म करने की धमकी तक दी है और कहा है कि अगर धरने से नही उठी तो केस ही समाप्त कर दूंगा। रेप पीडित ने आरोप लगाते हुये कहा है कि कोतवाल की बाबा सच्चिदानंद के लगातार बात हो रही मगर रिस्वत लेकर वे उसे गिरफ्तार करने के बजाये संरक्षण दे रहे हैं।

संत कुटीर आश्रम डमरुआ बस्ती के महंत सहित उसके सहयोगियों पर यौनशोषण का मामला दर्ज होने के बाद से अब तक पुलिस मुख्य आरोपित तक नहीं पहुंच पाई है। गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध पीड़िताओं ने डीएम कार्यालय पर धरना देकर आरोपितों के गिरफ्तारी की मांग की। बहरहाल डीआईजी ने इस मामले को लेकर गंभीरता दिखाई है और कहा कि बाबा को जल्द पकड़ा जायेगा। कोतवाल ने अगर रेप पीडिता को धमकी दी है तो उसकी जांच कराई जायेगी

बतादें कि संत कुटीर आश्रम डमरुआ में रहने वाली दो युवतियों ने 19 दिसंबर को आश्रम के महंत सच्चिदानंद उर्फ दयानंद और उनके सहयोगियों ,परमचेतानंद पुत्र अज्ञात, विश्वासानंद पुत्र अज्ञात, ज्ञान वैराज्ञानंद पुत्र अज्ञात, प्रमिला बाई पुत्री अज्ञात, कमला बाई पुत्री अज्ञात पर यौनशोषण का मुकदमा दर्ज कराया। मामले में पुलिस 26 दिसंबर को एक और पीड़िता की तहरीर के आधार पर सच्चिदानंद के विरुद्ध यौनशोषण का मुकदमा दर्ज किया था। इसमें प्रमिला बाई, कमला बाई, उर्मिला बाई और ध्यान बाई निवासी संतकुटीर आश्रम डमरुआ बस्ती पर यौनशोषण के मामले में महंत का सहयोग करने का आरोप लगाते हुए उन्हे भी नामजद किया गया था।

इसके बाद भी पुलिस सच्चिदानंद को नहीं पकड़ पाई। ऐसे में पीड़िताओं ने धरना देकर गिरफ्तारी की मांग की। धरना स्थल पर पहुंचे अधिकारियों ने सच्चिदानंद की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद भी गिरफ्तारी न होने पर एक बार फिर पीड़िताओं ने कलेक्ट्रेट पर धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि वह तब तक धरना देती रहेंगी जब तक कि मुख्य आरोपित सच्चिदानंद उर्फ दयानंद की गिरफ्तारी नहीं हो जाती। डीआईजी आशुतोष ने बताया कि नामजद अभियुक्तों में से कुछ की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो शेष हैं उनकी गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।