एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच कराई जा चुकी है और तथ्य सही भी पाये गये हैं, जिसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दिया गया है। वहीं, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दुबौलिया सहकारी बैंक की शाखा में 2007 में कृष्ण प्रताप सिंह नाम से एक खाता खोला गया, मगर उसमें फोटो किसी अन्य का लगा दिया गया। इतना ही नहीं जालसाज ने खाता खोलने के लिये लगने वाले प्रमाण पत्र भी किसी अन्य व्यक्ति का लगाकर खाता खोलने में कामयाबी पा ली।