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हमेशा बने रहेंगे जवान, जान लें ये खास टिप्स

ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी लाइफस्टाइल को फिट बनाएं ताकि बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ रहा जा सके।

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जयपुर

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Vikas Gupta

Mar 06, 2019

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ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी लाइफस्टाइल को फिट बनाएं ताकि बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ रहा जा सके।

हम यह जानते हैं कि साठ साल के बाद पाचन क्षमता घट जाती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होने लगती हैं। चेहरे पर झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं सताने लग जाती हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी लाइफस्टाइल को फिट बनाएं ताकि बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ रहा जा सके।

धूम्रपान न करें -
स्मोकिंग व तम्बाकू से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी कई बुराइयों को हम जानते हैं। स्मोकिंग की वजह से त्वचा को रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है और उम्र बढ़ने से पहले ही यह लटकने लग जाती है। धूम्रपान के दौरान धुंआ आंखों और मुंह में लौटता है। यह आंखों के आसपास की त्वचा को भी क्षति पहुंचाता है।

स्वास्थ्य का आधार 'नींद'
जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो शरीर ज्यादा कार्टिसोल हार्मोंस का निर्माण करता है। यह त्वचा की कोशिकाओं को तोडऩे वाला हार्मोन है। पर्याप्त नींद लेने से ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन बनता है जो त्वचा को मोटा व लचीला बनाए रखता है। इससे चेहरे पर झुर्रियों की समस्या भी नहीं सताती। बेहतर होगा कि सोने व जागने की नियमित समयावधि बना लें। सोने के समय चाय-कॉफी न लें। सोते समय यदि खर्राटे लेने की समस्या है तो विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें क्योंकि इससे अक्सर व्यक्ति की नींद पूरी नहीं हो पाती।

हैल्दी फूड को अपनाएं -
अंग्रेजी कहावत है 'वी आर वाट वी ईट यानी जैसा खाएंगे, वैसे ही होंगे। 60 के बाद भी चुस्त-दुरुस्त रहना है तो पोषक खाद्य पदार्थ खाएं। ताजा फल-सब्जियों में फाइबर व मिनरल होते हैं। इनसे हमें विटामिन-बी मिलता है जो एनर्जी बढ़ाने वाले एंजाइम बनाता है। इसी तरह जिन खाद्य पदार्थों में ओमेगा-थ्री फैटी एसिड होता है वे हृदय को स्वस्थ रखते हैं। हरी सब्जियों में ल्यूटेन व कॉरोटिनोइड होते हैं, जो आंखों को बढ़ती उम्र के प्रभाव से बचाते हैं। ध्यान रखें कि उम्र बढऩे के साथ बॉडी की चयापचय प्रणाली यानी मेटाबॉलिज्म दर धीमी हो जाती है। इसलिए प्रोसेस्ड व तले-भुने भोजन से परहेज करें। भोजन में नमक कम मात्रा में ही लें। साथ ही चीनी का प्रयोग भी सीमित मात्रा में ही करें।

डॉक्टर की सलाह मानें -
वृद्धावस्था में डॉक्टर का परामर्श जरूरी है। विशेषज्ञ ने जो दवा जितनी मात्रा में लेने की सलाह दी है, उसे उतनी ही लें। न ज्यादा न कम। यदि डायबिटीज, हृदय रोग व ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो डॉक्टरी परामर्श के साथ डाइटीशियन की सलाह भी ली जा सकती है। विशेषज्ञ द्वारा बताए गए मेडिकल चेकअप नियमित रूप से करवाएं। 40-50 साल की उम्र के बाद पुरुषों को विशेषज्ञ की सलाह से टेस्टीक्यूलर, प्रोस्टेट और कोलोन कैंसर की स्क्रीनिंग करवानी चाहिए। इस उम्र में हमारा स्टेमिना कम हो जाता है इसलिए शरीर को उचित आराम भी दें।

कसरत, योग व ध्यान को बनाएं आदत -
चुस्त-दुरुस्त रहना है तो नियमित कसरत करें। कसरत इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है। हृदय को स्वस्थ रखती है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है। वॉकिंग, रनिंग, स्वीमिंग व साइक्लिंग करें। योग शरीर के साथ मन व मस्तिष्क को भी स्वस्थ रखता है। योग बढ़ती उम्र का असर चेहरे पर नहीं आने देता व ध्यान दिमाग को शांत बनाए रखता है।

इन्हें भी बनाएं आदत -
तेज धूप से बचें : बढ़ती उम्र के साथ झुर्रियों का प्रमुख कारण है सन-एक्सपोजर। तेज धूप हो तो घर से न निकलें। जाना जरूरी हो तो स्कार्फ, चश्मा आदि लगाएं।

पर्याप्त पानी पिएं : झुर्रियों का दूसरा बड़ा कारण है पानी की कमी। त्वचा को मुलायम बनाए रखने के लिए रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं।

सामाजिक बनें : फेसबुक के दौर में वर्चुअल फ्रेंड्स बनाकर हम खुश हो जाते हैं पर लोगों से मिलने व गपशप करने से तनाव कम होकर हार्मोंस संतुलित रहते हैं।

दांतों की देखभाल : उम्र बढ़ेगी तो दांतों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ेंगी। दांत कमजोर होंगे। इसलिए दिन में दो बार ब्रश व मीठा खाने के बाद कुल्ला करें। बत्तीसी का प्रयोग करने वाले भी साफ-सफाई का खयाल रखें।