
bald man
आनुवंशिक कारणों या उम्र बढ़ने से- ज्यादातर लोगों में बाल झड़ने के कारण आनुवांशिक होते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक लोगों में आनुवांशिक कारणों से एक निश्चित पैटर्न में बाल झड़ते हैं। इस तरह के लोगों में उनके बाल उड़ने का पैटर्न उनके पिता या दादा से मिलता जुलता है।

हारमोन में परिवर्तन से- बालों का झड़ना हारमोनों में हुए परिवर्तन के कारण भी होता है। ऐसी स्थिति में उन लोगों में बालों का झड़ना देखा जाता है जिनके पूर्वजों में यह समस्या कभी नहीं देखी गई है। आम तौर पर टेस्टोस्टेरॉन की कमी या अधिकता इसके लिए ज़िम्मेदार होती है।

गंभीर रूप से बीमार पड़ने या बुखार होने से- कई लोगों में बहुत ज्यादा तेज़ बुखार या बीमार पड़ने पर भी बाल उड़ जाते हैं। इस तरह की समस्या से उड़े बालों को कई बार वापस उगा पाना संभव होता है।

कैंसर केमोथेरेपी या अत्यधिक विटामिन ए की वजह से- कई बार विटामिन ए की अत्याधिक डोज़ के कारण भी बाल उड़ जाते हैं। ऐसे लोगों को विटामिन-ए से परिपूर्ण चीज़ों का सेवन बन्द करने को कहा जाता है।

भावनात्मक या शारीरिक तनाव की वजह से- आज व्यक्ति की जीवन शैली इतनी अधिक असंतुलित हो चुकी है। कि वह पूरे वक्त तनाव से घिरा रहता है। ऐसे मे लगातार तनाव के कारण भी कई बार बालों का झड़ना शुरु हो जाता है।
क्या हैं समाधान-
1. केश प्रत्यारोपण
ऐसे लोग जिनमें एक बालों को उगाने वाली जड़ें ही समाप्त हो चुकी हैं में बालों को उगाने के लिए हेयर ट्रांसप्लांट का तरीका बेहद कारगर है। इसमें सिर के उन हिस्सों से जहां बाल अब भी सामान्य रूप से उग रहे होते है, से केश-ग्रंथियां लेकर उन्हें गंजेपन से प्रभावित हिस्सों में ट्रांसप्लांट कर दिया जाता है। इसमें त्वचा संबंधी संक्रमण का खतरा बहुत कम होता है।
2. दवाओं के इस्तेमाल से
जिन लोगों में बालों का झड़ना शुरु हुआ है या पूर्णतः गंजापन नहीं आया है में माइनोक्सिडिल नामक दवा का इस्तेमाल किया जाता है। कम बालों वाले हिस्सों पर रोज़ इसका इस्तेमाल करने से बाल गिरना रुक जाता है तथा नये बाल उगने लगते हैं। यह दवा रक्त वाहिनियों को सशक्त बनाती है और इससे प्रभावित हिस्सों में रक्तसंचार और हारमोन की आपूर्ति बढ़ जाती है। एक और दवा जिसका नाम फाइनस्टराइड है की एक टेबलेट रोज लेने से बालों का गिरना रुक जाता है तथा कई मामलों में नये बाल भी उगने लगते हैं।
3. कॉस्मेटिक उपचार
सिंथेटिक केश बालों के प्रयोग से भी गंजेपन को हटाया जा सकता है। गंजेपन से प्रभावित हिस्से को ढंकने के लिए विशेष रूप से निर्मित बालों का प्रयोग किया जाता है। किंतु ध्यान देने की बात यह है कि इन बालों के नीचे की खोपड़ी को नियमित रूप से धोते रहना जरूरी है।
Published on:
03 Sept 2015 04:22 pm
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