
15 बड़े झूले लगेंगे, गत साल से कम होगी स्टॉलों की संया
ब्यावर. सुभाष उद्यान में भरने वाले वाले तेजा मेला को लेकर तैयारियां शुरु हो गई है। परिषद प्रशासन की ओर से मेला स्थल पर झूले वालों के लिए स्थान तय किए गए। इसकी साफ सफाई करवाई गई। मंगलवार को 14 झूला संचालकों ने रसीदे कटवा दी। अब एक स्थान के लिए रसीद काटी जानी शेष है। इसके लिए भी आवेदक आ गया है लेकिन देरी से आने के कारण यह रसीद बुधवार को काटी जाएगी। ऐसे में अब अगर कोई बड़े झूले वाला आता हैतो उसे जगह नहीं मिल पाएगी। मंगलवार को नगर परिषद प्रशासन को मोटे अनुमान के अनुरुप करीब चार लाख के आय हुई।
मेले में जगह को लेकर भी संचालकों ने खासी नाराजगी जताई। बाद में एक संचालक को एक बड़ा झूला लगाने की जगह दिए जाने पर सहमति बनी। सुभाष उद्यान में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होने एवं नया बगीचा विकसित किए जाने से इस बार गत साल की अपेक्षा स्टॉलों की संया भी कम रहेगी। बिचड़ली तालाब की पाल पर भी स्टॉले लगाई जाएगी। सुभाष उद्यान में भरने वाले तीन दिवसीय मेेले की तैयारियां शुरु हो गई है। मेला स्थल पर स्टॉलो के लिए टेंट लगाने का काम शुरु हो कर दिया गया है। इसके अलावा बिचड़ली तालाब की पाल के पास झूले लगाने के लिए स्थान तय किया। यहां पर साफ सफाई कर 15 झूलों के लिए स्थान तय किया। हर बार बीस से पच्चीस बडे झूले लगते है। जगह कम होने से झूले लगाने की जगह की समस्या बनी है। इस दौरान झूले के लिए जगह को लेकर झूला संचालकों ने विरोध दर्ज कराया। बाद में प्रत्येक झूला संचालक को एक बडा झूला लगाने की जगह देने पर सहमति बनी। टांटोटी से आए झूला संचालक प्यारे खां व सीताराम ने बताया कि जगह कम होने से इस बार आपस मिलकर झूले लगा रहे है। इस बार मेला स्थल की जगह गत साल की अपेक्षा कम हो गई है। ऐसे में गत साल जहा दौ सौसे अधिक स्टॉले लगी थी। इस बार इन स्टॉलों की संया कम हो सकती है। मेला परिसर में सजावट का काम शुरु हो गया है।
कार्ड छपने की तैयारी, सांस्कृतिक पार्टियां तय नहीं
तेजा मेले को लेकर समिति की बैठक में ही कार्ड को प्रारुप को सबके सामने रखा गया। इसके बाद कार्ड छापने की तैयारी कर ली गई। बताया जा रहा है कि बुधवार को कार्ड छपकर आ गए है। अब तक सांस्कृतिक पार्टिया कौनसी आएगी। इसके बारे में नगर परिषद प्रशासन के अधिकारी तक अनजान बने हुए है। आयुक्त, मेला अधिकारी व सहायक मेला अधिकारी तक इनसे अनजान बने है।
इनका कहना है...
बड़े झूले लगाने के लिए जगह तय कर दी है। 14 झूले संचालकों ने रसीद कटवा दी है। एक व्यक्ति को एक झूला लगाने की जगह दी गई है। ताकि बाहर से आने वाले सभी लोगों को जगह मिल सके। स्टॉले लगाने का काम चल रहा है। गत साल की अपेक्षा इस साल स्टॉलों की संया कम हो सकती है।
-जाहिद हुसैन, मेला अधिकारी
स्मारिका प्रकाशन को लेकर आज निर्णय करेंगे। स्मारिका में प्रकाशित होने वाली सामग्री पर परिषद प्रशासन की भी मॉनिटरिग रहेगी।
-राजेन्द्रसिंह, आयुक्त, नगर परिषद
(कासं)
Published on:
03 Sept 2019 07:19 pm
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